पूर्णिया में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। NH-31 पर एक होटल के पीछे मक्के के खेत से 18 वर्षीय युवती का शव बरामद किया गया है। परिजनों का आरोप है कि चार दरिंदों ने सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी निर्मम हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को एसिड या किसी केमिकल से जला दिया। घटना के बाद हजारों की संख्या में आक्रोशित ग्रामीणों ने NH-81 को जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं। शव डगरूआ थाना क्षेत्र के विश्वासपुर स्थित NH-31 किनारे एक होटल के पीछे मक्के के खेत से बरामद हुआ है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस पर क्या आरोप लगाए परिजनों ने
परिजनों ने डगरूआ थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने समय रहते आवेदन दिया था, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। जब वे न्याय की मांग लेकर थाना पहुंचे, तो आरोप है कि पुलिस अधिकारी ने उन्हें ही डांटते हुए कहा कि “आप लोगों ने ही अपनी बेटी को मारकर फेंक दिया होगा और अब थाना घेरने आए हैं।” ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस पहले मिले सुरागों पर सक्रियता दिखाती, तो शायद युवती की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने एक दिन पहले ही थाने पर धरना देकर दो दिन का समय दिया था, लेकिन नतीजा शव के रूप में सामने आया।
टायर जलाकर भी प्रदर्शन किया ग्रामीणों ने