पूर्णिया जिले की अमौर विधानसभा सीट से छह बार विधायक रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री अब्दुल जलील मस्तान का निधन हो गया है। वे पिछले कुछ दिनों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और दिल्ली के एम्स अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थे। उनके निधन की खबर से सीमांचल समेत पूरे बिहार के राजनीतिक गलियारे और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई है।
कांग्रेस के टिकट पर 11 बार चुनाव लड़ चुके थे
'अब्दुल जलील मस्तान एक जनप्रिय, कर्मठ एवं ईमानदार नेता थे'
'मस्तान साहब सीमांचल में गरीबों की आवाज थे'
अमौर के वर्तमान AIMIM विधायक अख्तरुल ईमान ने कहा कि मस्तान साहब सीमांचल में गरीबों की आवाज थे। उनके जाने से अपूरणीय क्षति हुई है। वहीं, अमौर से जदयू के पूर्व विधायक सबा जफर ने शोक जताते हुए कहा, "वे सीमांचल के कद्दावर नेता थे। भले ही हम राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे, लेकिन हमने हमेशा मोहब्बत से चुनाव लड़ा। मेरे पिताजी के समय से उनके रिश्ते रहे हैं। ईश्वर उन्हें अपने चरणों में स्थान दे। इस दुख की घड़ी में हम उनके परिवार के साथ हैं।"