किसानों को खाद की उपलब्धता और निर्धारित कीमत को लेकर आ रही शिकायतों के बीच अररिया जिले में अनुमंडल प्रशासन ने जांच अभियान तेज कर दिया है। किसानों की शिकायत पर जिला स्तर से गठित टीम ने लगातार दो दिनों में खाद के दो प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करते हुए गणेश ट्रेडिंग और जय अंबे सेल्स के गोदाम में छापेमारी की। गुरुवार को जय अंबे सेल्स के गोदाम में देर शाम तक जांच की कार्रवाई चलती रही।
प्रशासनिक कार्रवाई के बाद मचा हड़कंप
बताया गया कि किसानों की ओर से अनुमंडल प्रशासन को आवेदन देकर क्षेत्र में खाद की किल्लत तथा निर्धारित सरकारी दर से अधिक कीमत पर उर्वरक बेचे जाने की शिकायत की गई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन की ओर से जांच के लिए टीम गठित की गई। इसके बाद टीम ने पहले दिन गणेश ट्रेडिंग नामक प्रतिष्ठान में पहुंचकर जांच की। इसके अगले दिन गुरुवार को टीम ने जय अंबे सेल्स के गोदाम में छापेमारी की। अधिकारियों ने गोदाम में उपलब्ध उर्वरक के स्टॉक और उससे संबंधित अभिलेखों की जांच शुरू की। देर शाम तक टीम द्वारा स्टॉक का मिलान किया जाता रहा। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान आसपास के लोगों और खाद कारोबारियों में भी हलचल देखी गई।
आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को प्रतिवेदन भेजा जाएगा
फारबिसगंज के अनुमंडल पदाधिकारी अभय कुमार तिवारी ने बताया कि किसानों द्वारा खाद की किल्लत और अधिक कीमत लिए जाने को लेकर आवेदन दिया गया था। इसके बाद जिले के स्तर से जांच टीम गठित की गई। टीम द्वारा पहले दिन गणेश ट्रेडिंग और दूसरे दिन जय अंबे सेल्स के गोदाम में जांच की गई। उन्होंने कहा कि जांच अभी जारी है और गोदाम में उपलब्ध स्टॉक का मिलान किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को प्रतिवेदन भेजा जाएगा।
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जांच रिपोर्ट का इंतजार
प्रशासन की इस कार्रवाई को किसानों की शिकायतों के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। किसानों का कहना है कि खेती के सीजन में खाद की समय पर उपलब्धता बेहद जरूरी है। यदि निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद मिलती है तो इससे किसानों की खेती की लागत सीधे प्रभावित होती है इधर, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान उपलब्ध स्टॉक और दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दोनों प्रतिष्ठानों में हुई जांच के परिणाम और जिला प्रशासन को भेजी जाने वाली रिपोर्ट का इंतजार है।
बिहार में खाद की उपलब्धता और निर्धारित मूल्य को लेकर किसानों की शिकायतों के बीच अररिया में हुई यह कार्रवाई प्रशासन की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। किसानों की नजर अब जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है।
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