पूर्णिया में जिस घर में एक सप्ताह पहले विदेश से लौटे बेटे की खुशी में जश्न का माहौल था, वहां अब केवल सिसकियाँ और चीखें सुनाई दे रही हैं। घटना अमौर थाना क्षेत्र के बरबट्टा गांव की हैं। जहां विष्णुपूर मिडिल स्कूल के समीप एक खेत में बने तालाब में डूबने से 30 वर्षीय मो. तहसीन की असामयिक मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। मृतक की पत्नी प्रमीणा बेगम की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वह बार-बार बदहवास होकर एक ही सवाल पूछ रही है। अब कैसे कटेगी जिंदगी और कैसे पलेगा परिवार, तहसीन अपने पीछे तीन मासूम बच्चों मो. असलम (05 वर्ष), अलीजा (03 वर्ष) और मो. अनश (02 वर्ष) को छोड़ गए हैं।
दो साल पहले सबसे छोटे बेटे के जन्म के बाद तहसीन बेहद खुश थे और उन्होंने अपनी संतानों के बेहतर भविष्य के लिए कई सपने बुने थे। उन्होंने कहा कि उसके पति सऊदी अरब में काम करते थे और एक सप्ताह पूर्व ही अपने पैतृक गांव बरबट्टा आये थे। सऊदी अरब में मेहनत कर वह परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे, लेकिन एक हादसे ने सब कुछ छीन लिया। मृतक के पिता मो. वाजुद्दीन के लिए यह दुख असहनीय है। उन्होंने बताया कि गुरुवार दोपहर करीब 2:00 बजे तहसीन अपनी बाइक से विष्णुपूर हाट जाने के लिए निकला था। शाम 5:00 बजे खबर मिली कि उसका शव एक तालाब में मिला है।
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पीड़ित पिता ने रोते हुए कहा कि मेरा बेटा घर से दो किलोमीटर दूर दूसरे गांव के उस तालाब तक कैसे पहुंचा और वह डूबा कैसे, यह समझ से परे है। बुढ़ापे की लाठी टूटने के गम में डूबे पिता को इस संदिग्ध परिस्थिति पर गहरा दुख है। घटना की जानकारी मिलते ही अमौर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कानूनी प्रक्रिया के तहत शव का पोस्टमार्टम कराना चाहा। हालांकि, परिजनों ने धार्मिक मान्यताओं और भावनाओं को देखते हुए पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद गांव के ही कब्रगाह में गमगीन माहौल के बीच मो. तहसीन को सुपुर्द-ए-खाक कर अंतिम विदाई दी गई।