बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच कांग्रेस पार्टी में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कसबा विधानसभा सीट से कांग्रेस ने अपने मौजूदा विधायक अफाक आलम का टिकट काटकर पूर्व प्रमुख आलम को उम्मीदवार बना दिया है। टिकट बंटवारे के इस फैसले से नाराज़ अफाक आलम ने पार्टी नेतृत्व पर करोड़ों रुपये में टिकट बेचने का गंभीर आरोप लगाया है।
अफाक आलम ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि "कसबा सीट का टिकट करोड़ों रुपये में बेचा गया है"। उन्होंने टिकट घोटाले के लिए कांग्रेस नेता शकील अहमद खान, कृष्णा अलालुल और प्रदेश अध्यक्ष राजेश वर्मा को ज़िम्मेदार ठहराया। इसके साथ ही उन्होंने पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “पैसा उनके आवास पर पहुंचने के बाद ही टिकट कंफर्म हुआ।”
अफाक आलम ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा, “राहुल गांधी वोट चोर भगाओ अभियान चला रहे हैं, जबकि हम टिकट चोर भगाओ अभियान चला रहे हैं। ये टिकट चोर सब टिकट बेचकर अडानी-अंबानी बनने की सोच रहे हैं।”
पढे़ं: 'जल्द ही जेल में होगा लालू परिवार', गोवा के सीएम प्रमोद सावंत बोले; कहा- बिहार को विकसित बनाएंगे
उन्होंने नए प्रत्याशी आलम की राजनीतिक क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि “जिस व्यक्ति को टिकट दिया गया है, वह हाल ही में समिति का चुनाव भी हार चुका है।” अफाक आलम ने दावा किया कि टिकट वितरण से पहले उन्हें पप्पू यादव और अन्य नेताओं ने बुलाया और उनका वजन करने लगे। जब उन्होंने वजह पूछी तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने नए प्रत्याशी पर तंज कसते हुए कहा, “कुछ दिन पहले यह लड़का रो रहा था और चिल्ला रहा था कि उसे टिकट नहीं मिलेगा।” अफाक आलम के इन आरोपों से कांग्रेस के भीतर हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कसबा सीट पर यह विवाद कांग्रेस के लिए चुनावी नुकसान का कारण बन सकता है।