टेटगामा नरसंहार का मुख्य आरोपी गिरफ्तार
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पूर्णिया जिले के बहुचर्चित टेटगामा नरसंहार कांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। घटना में सक्रिय रूप से शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि लगातार दबिश और कार्रवाई के दबाव में दो मुख्य आरोपियों रामदेव उरांव और संतलाल उरांव ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण के बाद दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
रामदेव उरांव के बेटे की मौत के बाद भड़का था मामला
गौरतलब है कि यह जघन्य हत्याकांड उस समय सामने आया था, जब रामदेव उरांव के सात वर्षीय बेटे की मौत के बाद गांव में अफवाह फैल गई कि यह किसी डायन प्रथा का परिणाम है। इसके बाद स्थानीय लोगों ने डायन के शक में एक ही परिवार के पांच सदस्यों को पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जला दिया था, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई थी।
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गिरफ्तार आरोपी रामदेव का रिश्तेदार
मुफस्सिल थाना अध्यक्ष सुदिन राम ने जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में गिरफ्तार किया गया आरोपी रामदेव उरांव का जीजा है, जो घटना के दौरान मुख्य भूमिका में था। पुलिस को उसकी तलाश लंबे समय से थी। साथ ही कांड में नामजद दो अन्य आरोपी रामदेव और संतलाल ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है, जिन्हें जेल भेज दिया गया है।
अब तक आठ आरोपी हिरासत में
थानाध्यक्ष ने बताया कि इस नरसंहार मामले में अब तक कुल आठ आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे जा चुके हैं। इनमें से छह की गिरफ्तारी पुलिस ने की है, जबकि दो ने खुद कोर्ट में आत्मसमर्पण किया है। इस मामले में 23 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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पुलिस ने जनता से की अपील
सुदिन राम ने कहा कि बाकी फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कानून के हवाले किया जा सके।