पूर्णिया जिले के मरंगा थाना क्षेत्र के काजरा गांव में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जहां एक 12 वर्षीय नाबालिग लड़की ने कथित तौर पर अपने पिता के भूत के प्रभाव के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर हालत में लड़की को पूर्णिया के जीएमसीएच में भर्ती कराया गया। जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए हायर हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने भूत-प्रभाव के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है।
पिता के भूत से परेशान होने का दावा
नाबालिग लड़की की मां ने बताया कि उनके पति का दो साल पहले निधन हो चुका है। उस घटना के बाद कुछ समय तक सब सामान्य था, लेकिन पिछले छह महीनों से लड़की अजीब तरह से परेशान रहने लगी। मां के मुताबिक, नाबालिग को ऐसा लगता था कि उसके पिता का भूत उसे तंग कर रहा है। बुधवार सुबह लड़की ने अपनी मां को बताया कि जब वह शौच के लिए बांसबाड़ी गई थीं, तब उसके पिता का भूत आया और उसे अपने पास बुलाने लगा। इस डर और तनाव के कारण नाबालिग ने घर लौटकर फांसी लगाने का प्रयास किया।
परिजनों ने बचाई जान
घटना के बाद परिजनों ने तुरंत नाबालिग को फांसी के फंदे से उतारा और इलाज के लिए जीएमसीएच लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर देखते हुए उसे हायर हॉस्पिटल रेफर कर दिया। फिलहाल नाबालिग को पूर्णिया के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
डॉक्टरों ने अंधविश्वास को किया खारिज
इस मामले में डॉक्टरों का कहना है कि भूत-प्रभाव जैसी चीजें केवल अंधविश्वास हैं और इन पर भरोसा करना सही नहीं है। डॉक्टरों ने यह भी साफ किया कि उनका काम मरीज का इलाज करना है, न कि अंधविश्वास को बढ़ावा देना। जीएमसीएच के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने कहा कि लड़की की स्थिति गंभीर थी और उसे तुरंत रेफर किया गया। परिजनों ने जो भूत-प्रभाव की बात कही है, वह केवल मानसिक भ्रम का हिस्सा हो सकता है। हमें इलाज पर भरोसा करना चाहिए, न कि अंधविश्वास पर।