कटिहार के शहर में इन दिनों एक फाइनेंस कंपनी की ठगी का मामला चर्चा में है। सिरसा चौक स्थित किराए के मकान में खुले अनामिका कैपिटल फाइनेंस ने महज चार दिन में सैकड़ों लोगों को लोन का झांसा देकर लाखों रुपये वसूल लिए और फिर अचानक दफ्तर बंद कर फरार हो गई।
कंपनी ने लोगों से कहा था कि हर किसी को 1.5 लाख रुपये तक का लोन मिलेगा। इसके लिए करंट अकाउंट खुलवाकर उसमें 5,000 रुपये मिनिमम बैलेंस रखना होगा। लालच में आकर सैकड़ों लोगों ने प्रोसेसिंग फीस और अकाउंट बैलेंस के नाम पर 5-5 हजार रुपये जमा कर दिए। एजेंटों ने पहले डोर-टू-डोर जाकर लोगों को रिझाया और फिर ऑफिस बुलाकर चेक से भुगतान करने का वादा किया। लेकिन जब लोन वितरण का दिन आया तो ऑफिस बंद मिला। कंपनी के अधिकारी और एजेंट सभी फरार हो चुके थे। पीड़ितों का आरोप है कि ठगों ने न सिर्फ कटिहार बल्कि पूर्णिया के लोगों से भी भारी रकम वसूली है।
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गुस्साए लोगों ने मौके पर पहुंचे मकान मालिक को भी कठघरे में खड़ा किया। हंगामा बढ़ता देख मुफस्सिल थाना पुलिस पहुंची और जांच शुरू कर दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ऐसी कंपनियों पर नजर रखी होती तो आम जनता की गाढ़ी कमाई लुटने से बच सकती थी। फिलहाल पीड़ित ठगी का शिकार होकर मायूस हैं और ठगों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। कटिहार की यह ठगी एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि आखिर फाइनेंस कंपनियों के नाम पर चल रहे इस गोरखधंधे पर लगाम कब लगेगी।