पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर द्वारा पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देने की मांग पर सियासी प्रतिक्रिया तेज हो गई है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और कहा कि उन्होंने अपने जीवन में ट्रंप से बड़ा उदंड प्रवृत्ति का व्यक्ति नहीं देखा। उन्होंने कहा कि जिस जनरल को पाकिस्तान के आतंकी संगठन दिशा निर्देश देते हों, उसके मुंह से ट्रंप जैसे विवादित नेता के लिए नोबेल शांति पुरस्कार की मांग हास्यास्पद है।
पप्पू यादव ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ईरान को खत्म करने की साजिश में लगे हैं। मैं पाकिस्तान के आतंकियों से कहना चाहता हूं कि चाहे सौ जन्म क्यों न ले लो, तुम ईरान को भारत से अलग नहीं कर सकते। जो नेता इजराइल का दोस्त है, वही ट्रंप के लिए शांति पुरस्कार की मांग कर सकता है।
उन्होंने अमेरिका की विदेश नीति और सैन्य रवैये पर भी सवाल उठाया। पप्पू यादव ने कहा कि आज पूरी दुनिया गंभीर हालात से गुजर रही है। ऐसा लगता है जैसे अमेरिका ने ठान लिया है कि उसे पूरी दुनिया को युद्ध में झोंक देना है। उन्होंने अमेरिकी जनता की भी सराहना करते हुए कहा कि मैं अमेरिका की जनता का आभार व्यक्त करता हूं, जो ट्रंप के पापों में शामिल नहीं हुई। ऐसे देश जो अपने हथियार बेचने के लिए युद्ध फैलाना चाहते हैं, वे मानवता और ईश्वर दोनों के दुश्मन हैं।
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ईरान को लेकर भारत की नीति पर उन्होंने कहा कि भारत को इस नाजुक समय में ईरान का साथ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा सच्ची दोस्ती निभाई है और इस समय देश के हर नागरिक को यह उम्मीद है कि हम ईरान के साथ खड़े रहें। अपने बयान के अंत में पप्पू यादव ने अपील करते हुए कहा कि मैं दुनिया के उन सभी देशों से आग्रह करता हूं जो न्यायप्रिय हैं और मानवता में विश्वास रखते हैं कि वे अमेरिका की दादागिरी और इजराइल के पक्ष में खड़ा न हों। दुनिया को अब शांति और इंसानियत की जरूरत है, हथियारों और वर्चस्व की नहीं।"