फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar: प्रसव के दौरान महिला की मौत, परिजनों ने हॉस्पिटल में की तोड़फोड़; एसपी ने मौके पर पहुंचकर कराया शांत

Thu, 08 May 2025 06:31 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया

सार

Bihar: डॉक्टरों ने ब्लड चढ़ाने की बात कही, जिसके बाद परिजनों ने किसी तरह ब्लड की व्यवस्था की, लेकिन उसे चढ़ाया जा सके, इससे पहले ही प्रियांशी की मौत हो गई। अनमोल का आरोप है कि डॉक्टर और कंपाउंडर उनसे सवाल-जवाब से बचते हुए मौके से भाग निकले।
विज्ञापन
मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूर्णिया शहर के मेडिकल हब लाइन बाजार स्थित बिहार टॉकीज रोड पर एक निजी अस्पताल में प्रसव के लिए आई महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान अमौर थाना क्षेत्र के मंगलपुर निवासी अनमोल यादव की पत्नी प्रियांशी यादव (22 वर्ष) के रूप में हुई है। एक वर्ष पूर्व ही उसकी शादी हुई थी।
विज्ञापन


प्रियांशी की मौत की खबर फैलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। गुस्साए परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की। साथ ही महिला का शव तीन घंटे तक मुख्य सड़क पर रखकर बिहारी टॉकीज रोड को जाम कर दिया।

स्थिति बिगड़ते देख पूर्णिया एसपी कार्तिकेय शर्मा, सदर एसडीपीओ प्रभारी, के.हाट थाना, फणीश्वरनाथ टीओपी और सहायक खजांची थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजनों का गुस्सा शांत हुआ और जाम हटाया गया। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए उसे घर ले गए।
विज्ञापन


पति का आरोप: ऑपरेशन में हुई लापरवाही
मृतका के पति अनमोल यादव ने बताया कि मंगलवार शाम प्रसव पीड़ा उठने पर वे पत्नी को डॉ. सुस्मिता प्रसाद के अस्पताल में लाए थे। डॉक्टरों ने सुरक्षित डिलीवरी के नाम पर उन्हें भर्ती कर 51 हजार रुपये वसूल लिए। ऑपरेशन के बाद प्रियांशी ने एक बेटे को जन्म दिया और शुरुआत में वह ठीक थी, लेकिन कुछ देर बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। डॉक्टरों ने ब्लड चढ़ाने की बात कही, जिसके बाद परिजनों ने किसी तरह ब्लड की व्यवस्था की, लेकिन उसे चढ़ाया जा सके, इससे पहले ही प्रियांशी की मौत हो गई। अनमोल का आरोप है कि डॉक्टर और कंपाउंडर उनसे सवाल-जवाब से बचते हुए मौके से भाग निकले।

पढ़ें: तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आए तीन छात्र, एक की हुई दर्दनाक मौत, दो छात्र घायल    

डॉक्टर की सफाई: हालत पहले से ही गंभीर थी
परिजनों के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अस्पताल संचालिका डॉ. सुस्मिता प्रसाद ने कहा कि प्रियांशी पहले से उनकी मरीज थीं और वह गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंची थीं। उसे खून की भारी कमी थी और समय पर ब्लड की व्यवस्था करने को कहा गया था, लेकिन देरी के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
विज्ञापन


पुलिस ने दी जानकारी
के.हाट थाना प्रभारी उदय कुमार ने बताया कि एक महिला की इलाज के दौरान मौत की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों ने लाश को सड़क पर रखकर जाम कर दिया था, जिसे बाद में अधिकारियों की समझाइश के बाद हटाया गया। फिलहाल परिजनों की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं दिया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें