बिहार की चुनावी राजनीति में पूर्णिया लोकसभा सीट से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के धन संबंधी बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। गोकुल कृष्ण आश्रम स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित संयुक्त चुनावी बैठक में उन्होंने ऐसा दावा किया, जिसने सियासी हलचल मचा दी है। पप्पू के बयान की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता तो ले रखी है, लेकिन लोकसभा में आधिकारिक तौर पर अभी भी वे निर्दलीय सांसद ही हैं।
पप्पू यादव बोले- सरकार के पास जनता का पैसा, लेकिन निजी तौर वे खुद अधिक पैसे देते हैं
एक जनसभा को संबोधित करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि सरकार के पास जनता का पैसा है, जबकि उनके पास जनता का आशीर्वाद है। उन्होंने कहा कि सरकार एक बार दस हजार रुपये देती है, जबकि वह रोजाना जनता को सरकार से ज्यादा देते हैं। पप्पू यादव ने यह भी कहा कि उनके पास उतना पैसा है जितना सरकार के पास भी नहीं है। उनके इस बयान की अब राजनीतिक हलकों में व्याख्या धनबल के खुले प्रदर्शन के रूप में की जा रही है।
कांग्रेस ने गठबंधन धर्म निभाते हुए कई सीटें छोड़ी हैं
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए सांसद पप्पू यादव ने कहा कि सभी पार्टियों ने टिकट बंटवारे में धनबल, बाहुबल और भाई-भतीजावाद को प्राथमिकता दी है। लेकिन कांग्रेस ने गठबंधन धर्म निभाते हुए कई सीटें छोड़ी हैं। उन्होंने कहा कि सिटिंग एमएलए का भी टिकट काटा गया है और यही कारण है कि पूर्णिया की चार सीटों पर कांग्रेस मजबूती से चुनाव लड़ रही है।
मुख्यमंत्री कांग्रेस पार्टी से नहीं होगा
सांसद पप्पू यादव ने दावा किया कि पूर्णिया जिले की चारों विधानसभा सीटों पर कांग्रेस की जीत तय है। उन्होंने कहा कि पूर्णिया सदर से जितेंद्र यादव, कसबा से मो. इरफान आलम, अमौर से पूर्व विधायक अब्दुल जलील मस्तान और बनमनखी से देवनारायण रजक मैदान में हैं और चारों प्रत्याशी जनता के सहयोग से जीत हासिल करेंगे। उन्होंने कहा, चुनाव के बाद आप किसी को भी मुख्यमंत्री बना दीजिए। मुख्यमंत्री कांग्रेस पार्टी से नहीं होगा, वह राजद या किसी अन्य पार्टी से होगा...हमारे नेता चुनाव के बाद इसका फैसला करेंगे। चुनाव से पहले इसका कोई मतलब नहीं है।
अन्य दलों से अलग कांग्रेस ने पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं को टिकट दिया
पप्पू यादव ने कहा कि कांग्रेस ने अन्य दलों से अलग जमीनी कार्यकर्ताओं को टिकट देकर जनता की सेवा का अवसर दिया है। प्रत्याशियों ने भी कहा कि वे जनता के भरोसे पर खरा उतरेंगे और चारों सीटों पर जीत दर्ज कर कांग्रेस का हाथ मजबूत करेंगे।
बिहार में राहुल गांधी का कितना असर?
'दोस्ताना लड़ाई' जैसे जुमलों के इस्तेमाल पर पप्पू ने कहा ऐसी बातों का कोई मतलब नहीं है...हमने कई सीटें छोड़ दीं...हमारे नेता ने हमें दोस्ताना लड़ाई की अनुमति नहीं दी... ये हमारे नेता की छवि का ही असर है कि आज पूरा बिहार विपक्षी दलों के गठबंधन- INDIA के समर्थन में खड़ा है।
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कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर चुनाव मैदान में सक्रिय रहने की अपील
गोकुल कृष्ण आश्रम स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता स्वयं सांसद पप्पू यादव ने की। कार्यक्रम में जिले भर के कांग्रेस पदाधिकारी, प्रत्याशी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक में नेताओं ने बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और घर-घर जाकर कांग्रेस की नीतियों व घोषणा पत्र को लोगों तक पहुंचाने की अपील की। साथ ही कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर चुनाव मैदान में सक्रिय रहने और कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में काम करने का संकल्प लिया गया।