किशनगंज में छात्र-युवा समूहों ने विरोध-प्रदर्शन किया।
- फोटो : Amar Ujala
किशनगंज में आइसा और आरवाईए की ओर से बुलाए गए बिहार बंद का सीमित असर देखने को मिला। अधिकांश बाजार सामान्य दिनों की तरह खुले रहे। हालांकि, बहादुरगंज और किशनगंज शहर में विभिन्न संगठनों और छात्र-युवा समूहों ने विरोध-प्रदर्शन किया। शनिवार सुबह से ही किशनगंज शहर के डे मार्केट, पश्चिम पाली, गांधी चौक, सुभाषपल्ली, रूईधासा, कैल्टेक्स चौक और उत्तर पाली समेत विभिन्न इलाकों में दुकानें खुली रहीं। जिले के सभी प्रखंडों- बहादुरगंज, टेढ़ागाछ, पोठिया, कोचाधामन, दिघलबैंक और ठाकुरगंजमें भी बंद का कोई खास असर देखने को नहीं मिला। जिले के सबसे बड़े थोक बाजार बिशनपुर में भी दुकानें खुली रहीं और सामान्य रूप से खरीदारी जारी रही।
वहीं, बहादुरगंज नगर पंचायत के कॉलेज चौक पर सैकड़ों युवाओं, छात्रों और जनप्रतिनिधियों ने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। उधर, किशनगंज शहर के टाउन हॉल में भी शाम 4 बजे धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
ये भी पढ़ें-
पटना में 'बिहार बंद' का कैसा असर? संवेदनशील इलाकों में पुलिस तैनात, कई स्कूल बंद
प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रभारी पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ला ने शुक्रवार रात बहादुरगंज थाना में अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए थे। धरना स्थलों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है और सभी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।