बिहार में एआईएमआईएम ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए पार्टी के सभी प्रकोष्ठ भंग कर दिए हैं। यह निर्णय प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान के निर्देश पर लिया गया है। पार्टी का कहना है कि संगठन को और मजबूत और धारदार बनाने के लिए नए और सक्रिय कार्यकर्ताओं को मौका दिया जाएगा।
बिहार में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। पार्टी की बिहार इकाई के सभी प्रकोष्ठों को भंग कर दिया गया है। यह कार्रवाई पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान के निर्देश पर की गई है।
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इस संबंध में AIMIM बिहार के संयुक्त सचिव इश्तियाक अहमद की ओर से आधिकारिक पत्र जारी कर जानकारी दी गई। पार्टी ने कहा है कि संगठन को और अधिक मजबूत, सक्रिय और धारदार बनाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। साथ ही नए और कर्मठ कार्यकर्ताओं को संगठन में मौका देने की बात भी कही गई है।
5 जून तक होगा पुनर्गठन
जारी अधिसूचना के मुताबिक, पार्टी ने उम्मीद जताई है कि सभी प्रकोष्ठों का पुनर्गठन 5 जून तक पूरा कर लिया जाएगा। 22 मई 2024 को जारी इस आदेश में कहा गया है कि अगले आदेश तक बिहार के सभी प्रकोष्ठों के संगठन भंग रहेंगे। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन ने बताया कि इस फैसले के बाद सभी प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों के पद तत्काल प्रभाव से रिक्त हो गए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी को और मजबूत बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। जल्द ही बिहार में पार्टी के प्रति निष्ठा रखने वाले कार्यकर्ताओं और नेताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।
गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव में AIMIM ने अहम भूमिका निभाई थी। पार्टी के पांच विधायक चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। सीमांचल क्षेत्र में AIMIM ने मजबूत प्रदर्शन किया था और कई सीटों पर महागठबंधन, एनडीए और AIMIM के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला था। चुनाव के बाद पहली बार पार्टी ने बिहार इकाई के सभी प्रकोष्ठों को भंग करने जैसा बड़ा फैसला लिया है।