मेरा प्रण है कि जब तक बिहार देश के टॉप-10 राज्यों में शामिल नहीं होता और कसबा विधानसभा क्षेत्र विकसित नहीं बन जाता, तब तक मैं चप्पल नहीं पहनूंगा। यह कहना है कसबा विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार भानु यादव भारती का। पढ़ें पूरी खबर।
पूर्णिया के कसबा विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार भानु यादव भारती ने नामांकन के दौरान अपनी अनोखी पहल से सभी को चौंका दिया। उन्होंने बिना चप्पल पहने नामांकन दाखिल किया और बताया कि यह उनके आत्मसम्मान और बिहार के विकास से जुड़ा संकल्प है।
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भानु यादव भारती, जिन्होंने नवोदय विद्यालय गढ़बनेली से पढ़ाई की है, ने बताया कि वह पिछले ढाई साल से पैर में चप्पल नहीं पहन रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरा प्रण है कि जब तक बिहार देश के टॉप-10 राज्यों में शामिल नहीं होता और कसबा विधानसभा क्षेत्र विकसित नहीं बन जाता, तब तक मैं चप्पल नहीं पहनूंगा।
भानु ने अपने संकल्प को लेकर दिया ये तर्क
भावुक होकर उन्होंने कहा कि गुजरात में नौकरी के दौरान उन्हें बिहारियों को लेकर कई अपमानजनक बातें सुननी पड़ीं। उन्होंने कहा कि जब महाराष्ट्र में राज ठाकरे जैसे नेता बिहारी लोगों को भगाने की बात कहते हैं, तो बहुत दुख होता है। इस अपमान को मिटाने और बिहार के सम्मान को लौटाने के लिए ही मैंने यह संकल्प लिया है।
'मेरा नामांकन कसबा की जनता को समर्पित'
भानु यादव भारती ने चुनावी राजनीति में पैसे के प्रभाव पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कई प्रत्याशी करोड़ों रुपए खर्च कर टिकट खरीदते हैं और जीतने के बाद भ्रष्टाचार में लिप्त हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मैं आम आदमी पार्टी का उम्मीदवार हूं, और मेरा नामांकन कसबा की जनता को समर्पित है। मैं सिर्फ जनसेवा में विश्वास रखता हूं, सत्ता या धन की राजनीति में नहीं। उन्होंने अंत में कहा कि जिस दिन बिहार देश के टॉप-10 राज्यों में शामिल होगा और कसबा क्षेत्र का विकास पूरा होगा, उसी दिन वह अपने पैरों में पहली बार चप्पल पहनेंगे।