नई बालू नीति के विरोध में बिहार में कई जगह आगजनी
बिहार सरकार की नई बालू नीति के खिलाफ मंगलवार को राज्य के अनेक जिलों में विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शकारियों ने सड़कों पर आगजनी की जिससे यातायात प्रभावित हो गई। राजधानी पटना के आसपास के क्षेत्रों में भी इस बंद का खासा असर देखा जा रहा है। प्रदर्शन के उग्र होने पर प्रदर्शनकारियों ने पटना के सगुना मोड़ स्थित यातायात पुलिस की चौकी में आग लगा दी। प्रदर्शनकारियों ने मैनपुरा से लेकर सगुना मोड़ तक दुकानों को जबरदस्ती बंद कराया और विरोध करने वाले दुकानदारों के सामान फेंक डाले।
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बिहार की राजधानी पटना के दानापुर में पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। दानापुर में भी प्रदर्शनकारियों ने सड़क किनारे दुकानों को बंद कराने की कोशिश की और दुकानों से सामान फेंकने लगे। जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस के बल प्रयोग के बाद ही प्रदर्शनकारी तितर-बितर हुए और यातायात सामान्य हुआ।
प्रदर्शन की वजह से ट्रकों की लंबी कतार सड़कों पर लग गई। खबरों के मुताबिक मनेर में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव भी किया और मोटरसाइकिल में आग लगा दी।
प्रदर्शनकारी सड़क पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप-मुख्यमंत्री सुशील मोदी और खनन विभाग के प्रधान सचिव के.के. पाठक के पुतले रखकर सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे। ट्रक मालिकों का कहना है कि जब तक सरकार 1972 की पुरानी नीति के आधार पर बालू खनन को चालू नहीं करती है, तब तक चक्का जाम जारी रहेगा।