पीके ने अपने ट्वीट में कहा, 'कोटा में फंसे बिहार के सैकड़ों बच्चों की मदद की अपील को नीतीश कुमार ने यह कह कर खारिज कर दिया था कि ऐसा करना 'लॉकडाउन की मर्यादा' के खिलाफ होगा। अब उन्हीं की सरकार ने भाजपा के एक विधायक के बेटे को कोटा से लाने की विशेष अनुमति दे दी है। नीतीश जी, अब आपकी मर्यादा क्या कहती है?'
इसके साथ ही पीके ने एक तस्वीर अटैच की है जिसमें प्रतिबंधित अवधि में बिहार के नवादा के हिसुआ से भाजपा विधायक अनिल सिंह को कोटा में फंसे उनके बेटे को लाने के लिए बिहार के नवादा से राजस्थान के कोटा तक जाने और वापस नवादा आने के लिए अनुमति जारी की गई है। इस अनुमति पत्र की वैधता 16 अप्रैल से 25 अप्रैल तक है।
इससे पहले शनिवार को ही पीके ने कहा था कि बिहार के लोग पूरे देश में इधर-उधर फंसे हुए हैं और नीतीश कुमार लॉकडाउन के सिद्धांत बता रहे हैं। दूसरे राज्यों की सरकारें कुछ कर रही होंगी लेकिन नीतीश कुमार ने संबंधित राज्यों से बात तक नहीं की है। उन्होंने प्रधानमंत्री की मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में भी यह मुद्दा नहीं उठाया।