फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिहार: एसटीएफ का दावा, हथियारों की आपूर्ति बंद होने से सशस्त्र नक्सलियों की संख्या कम हुई

Wed, 27 Apr 2022 04:19 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, पटना।

सार

अपर महानिदेशक (एसटीएफ अभियान) सुशील मानसिंह खोपड़े ने बताया कि नवादा में विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और केंद्रीय बलों द्वारा हाल ही में नक्सलियों के लिए हथियारों का एक प्रमुख स्रोत रही अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया था। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी सफलता थी और हाल के दिनों में एसटीएफ द्वारा इस तरह के अन्य अभियानों ने सशस्त्र नक्सलियों की संख्या को 80 से अधिक नहीं बढ़ने दिया है।
विज्ञापन
नक्सली (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार पुलिस ने दावा किया है कि सुरक्षा बलों की निरंतर कार्रवाई के कारण नक्सलियों को हथियारों की आपूर्ति बंद हो जाने से सशस्त्र माओवादियों की संख्या में गिरावट आई है।

विज्ञापन


अपर महानिदेशक (एसटीएफ अभियान) सुशील मानसिंह खोपड़े ने बताया कि नवादा में विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और केंद्रीय बलों द्वारा हाल ही में नक्सलियों के लिए हथियारों का एक प्रमुख स्रोत रही अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया था। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी सफलता थी और हाल के दिनों में एसटीएफ द्वारा इस तरह के अन्य अभियानों ने सशस्त्र नक्सलियों की संख्या को 80 से अधिक नहीं बढ़ने दिया है।

खोपड़े ने कहा कि अब हमारे सुरक्षा बल तीन जिलों गया, लखीसराय और जमुई में 10 सबसे अशांत प्रखंडों/गांवों को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने पिछले महीने राज्य के नवादा जिले में एक अवैध हथियार फैक्ट्री चलाने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया था। 
विज्ञापन


इसके अलावा, इन जिलों में शेरघाटी और चकरबंदा जंगलों के पास की पहाड़ियों सहित अशांत क्षेत्रों में पांच विशेष फॉरवर्ड बेस भी स्थापित किए जा रहे हैं। एडीजी ने कहा कि हमने दो अन्य अवैध हथियार कारखानों का भी भंडाफोड़ किया, जो नक्सलियों को हथियारों की आपूर्ति के प्रमुख स्रोत थे।

खोपड़े ने कहा कि हालांकि, राज्य में कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां माओवादियों के ओवरग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) अभी भी सक्रिय हैं, और कुछ मामलों में वे उग्रवादियों को रसद सहायता प्रदान करते हैं। बगहा, मुंगेर, अरवल, नवादा, कैमूर और जहानाबाद जिलों में नक्सलियों के ओजीडब्ल्यू अभी भी सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि हम उन पर कड़ी नजर रख रहे हैं।

सुशील ने कहा कि हिरासत में आरोपियों से पूछताछ से पता चला कि इलाके के सशस्त्र माओवादी अपने कैडर के लिए हथियार खरीदने के लिए उनके लगातार संपर्क में थे। देश में वामपंथी उग्रवाद से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय नीति और एक कार्य योजना लागू की जा रही है, एडीजी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें समस्या से निपटने के लिए मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और विकास दोनों से संबंधित कई काम किए जा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप वामपंथी उग्रवाद परिदृश्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें