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Caste Census of India: कैसे होगी जनगणना, कब से कर सकेंगे स्व-गणना; बिहार के CS ने बताई पूरी योजना

Mon, 23 Feb 2026 05:57 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar News: मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि कोविड-19 के कारण जनगणना का काम समय पर नहीं हो सका था, लेकिन अब 15 वर्षों के बाद इसकी औपचारिक शुरुआत हो चुकी है।
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मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक हुई। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत की जनगणना को संपन्न कराने के लिए पटना में राज्यस्तरीय एकदिवसीय प्रशिक्षण सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें सभी प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी एवं नगर आयुक्त उपस्थित हुए। सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है और इसकी सटीकता पर ही राष्ट्र एवं राज्य की नीतियों का निर्माण निर्भर करता है। 

 

पूरी डिजिटल जनगणना होगी

मुख्य सचिव ने कहा कि जनगणना के आंकड़ों की शुद्धता अत्यंत आवश्यक है। इसलिए इसे पूरी टीम भावना, पारदर्शिता और सटीकता के साथ पूरा किया जाए। मुख्य सचिव ने बताया कि यह देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी। पूरी प्रक्रिया मोबाइल ऐप तथा सेंसस मॉनिटरिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (CMMS) के माध्यम से संचालित की जाएगी, जिससे डेटा संकलन अधिक तेज, पारदर्शी और विश्वसनीय होगा।

 

कितने सवाल पूछे जाएंगे

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सह राज्य समन्वयक सीके अनिल ने जानकारी दी कि राज्य में जनगणना प्रारंभ करने के लिए अधिसूचना जारी की जा चुकी है। पहले चरण में मकान सूचीकरण का कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मोबाइल ऐप के माध्यम से स्व-गणना की प्रक्रिया 17 अप्रैल 2026 से 01 मई 2026 तक चलेगी, जबकि भौतिक रूप से घर-घर सर्वेक्षण का कार्य 02 मई 2026 से 31 मई 2026 के बीच संपन्न किया जाएगा। इस दौरान नागरिकों से कुल 33 तरह के सवाल पूछे जाएंगे, जो मकान, परिवार, बुनियादी सुविधाओं एवं घरेलू उपकरणों की उपलब्धता से संबंधित होंगे।

 

समय से पूरा करें जनगणना का काम

जनगणना निदेशालय, बिहार के निदेशक एम. रामचंद्रुडू ने प्रशिक्षण सम्मेलन के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए जनगणना की पूरी प्रक्रिया एवं रणनीति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। प्रशिक्षण सत्र के दौरान ‘रोल ऑफ सेंसस फंक्शनरीज’, ‘फील्ड गतिविधियों में चुनौतियां’, ‘इंटर एजेंसी समन्वय एवं जन-जागरूकता’ तथा ‘डिजिटल टूल्स फॉर सेंसस 2027’ जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। सम्मेलन में अधिकारियों को जनगणना कार्य को समयबद्ध, त्रुटिरहित और तकनीकी रूप से दक्ष तरीके से पूरा करने का संकल्प दिलाया गया।

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