पुलिस अधिकारी के साथ शातिर ठग अभिषेक
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बिहार में अपने कारनामों से बड़े-बड़े अधिकारियों को झांसा देने वाला टाइल्स व्यापारी अभिषेक अग्रवाल एक बार फिर से सुर्खियों में है। इस बार वह जेल के अंदर रहकर अधिकारियों और कर्मचारियों को झांसा देकर एकछत्र राज कर रहा था। उसके शातिराना खेल का पर्दाफाश होते ही जेल के अंदर के बैठे अधिकारियों के होश उड़ गए। अब अधिकारी इस मामले की तहकीकात करने के लिए जेल के कर्मचारियों से लेकर कई बंधुओं तक से भी पूछताछ करने और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुट गए हैं।
जेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अभिषेक अग्रवाल जेल में अपने बड़े मोबाइल से बड़े-बड़े कारनामे कर रहा था। बता दें कि अभिषेक अग्रवाल ने पूर्व जस्टिस का नाम लेकर तत्कालीन डीजीपी को भी झांसा दिया था। अभिषेक अग्रवाल पर आर्थिक अपराध थाने में कांड संख्या 33/2020 दर्ज है। उस पर आईपीसी की धारा के तहत 353, 387, 149, 420, 467, 468, 120(बी) और आईटी एक्ट की धारा 66(सी), 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया गया था। फिलहाल अभिषेक अग्रवाल पटना के अति संवेदनशील जिलों में से प्रमुख आदर्श केंद्रीय कारा बेउर जेल में बंद है।
बताया जा रहा है कि जेल में रहते हुए भी वह जेल के अधिकारियों को भी झांसा देकर मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा था। सवाल यह उठता है कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद भी जेल के अंदर ऐसे शातिर के पास मोबाइल कैसे पहुंच गया? अभिषेक अग्रवाल को मोबाइल उपलब्ध कराने में जेल के किन-किन लोगों ने उसकी मदद की यह भी जांच का विषय है। इससे पहले भी जेल के अंदर मोबाइल और आपत्तिजनक सामान बरामद होने के बाद जेल के कई अधिकारियों पर गाज गिरी थी। अब इस मामले में क्या कार्रवाई की जाएगी, यह देखने वाली बात होगी।