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Bihar News: पूर्व मध्य रेलवे का पहला कोचिंग डिपो शुरू, इस तकनीक से होगी ट्रेनों की रियल टाइम सुरक्षा निगरानी

Mon, 05 Jan 2026 04:27 PM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आरा

सार

Arrah News: आरा में पूर्व मध्य रेलवे का पहला कोचिंग डिपो शुरू हुआ, जहां मशीन लर्निंग आधारित डिवाइस से ट्रेनों की रियल टाइम सुरक्षा निगरानी होगी। इससे रेल संरक्षा मजबूत होगी, कार्यकुशलता बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर सेवा मिलेगी।
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पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक क्षत्रशाल सिंह आरा पहुंचे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्व मध्य रेलवे जोन के आरा रेलवे स्टेशन पर सोमवार को रेलवे आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। यहां पूर्व मध्य रेलवे के पहले कोचिंग डिपो में मशीन लर्निंग आधारित अत्याधुनिक डिवाइस का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर महाप्रबंधक क्षत्रशाल सिंह स्वयं आरा पहुंचे और डिवाइस की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। कार्यक्रम में रेलवे के वरीय अधिकारी, इंजीनियर और डिपो से जुड़े कर्मचारी भी मौजूद रहे।

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मशीन लर्निंग डिवाइस की दोहरी उपयोगिता
महाप्रबंधक क्षत्रशाल सिंह ने बताया कि इस मशीन लर्निंग डिवाइस की दोहरी उपयोगिता है, जिसमें सबसे अहम उपयोगिता रेल संरक्षा से जुड़ी हुई है। अभी तक ट्रेनों की संरक्षा निगरानी काफी हद तक मैन पावर पर निर्भर थी, लेकिन इस नई तकनीक के लागू होने से कर्मचारियों को सशक्त तकनीकी सहयोग मिलेगा।

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संभावित खामियों की पहले से पहचान
उन्होंने कहा कि इस डिवाइस के माध्यम से कई संभावित खामियों और तकनीकी समस्याओं की जानकारी पहले ही मिल जाएगी। इससे समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकेंगे और किसी भी बड़े हादसे की संभावना को रोका जा सकेगा। यह तकनीक रेलवे सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने में सहायक होगी।
 
रियल टाइम निगरानी की सुविधा
महाप्रबंधक ने बताया कि यह सिस्टम रियल टाइम में काम करेगा। यदि कोई ट्रेन चल रही है और उस समय मौके पर कोई रेलवे कर्मचारी मौजूद नहीं है, तब भी संबंधित सूचनाएं तुरंत आरा कोचिंग डिपो के कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएंगी। इसके साथ ही यह जानकारी देश के अन्य कंट्रोल रूम को भी भेजी जाएगी, जिससे अनुरक्षित ट्रेनों पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई संभव हो सकेगी।

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कार्यकुशलता बढ़ाने में भी मददगार
क्षत्रशाल सिंह ने दूसरी बड़ी उपलब्धि के रूप में कार्यकुशलता में बढ़ोतरी की बात कही। मशीन लर्निंग तकनीक के माध्यम से कम समय में ट्रेनों का अनुरक्षण किया जा सकेगा। इससे गाड़ियों की उपलब्धता बढ़ेगी और रेलवे का परिचालन और अधिक सुचारू हो पाएगा।
 
उन्होंने कहा कि आरा का यह कोचिंग डिपो पूर्व मध्य रेलवे के लिए एक मॉडल के रूप में विकसित होगा। इसके अनुभव के आधार पर भविष्य में अन्य स्थानों पर भी इसी तरह की तकनीक अपनाई जा सकती है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, बेहतर और समयबद्ध रेल सेवाएं मिल सकेंगी।

 

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