खान एवं भूतत्व मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी
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बिहार के रोहतास जिले में लंबे समय से बंद पत्थर खनन का काम एक बार फिर शुरू होने की तैयारी है। खान एवं भूतत्व मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने गुरुवार को कहा कि जिले के गायघाट और गिजवाही ब्लॉक में शुक्रवार से नीलामी की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद आगामी तीन से चार महीने के भीतर दोनों क्षेत्रों में पत्थर खनन का काम शुरू किए जाने की उम्मीद है। खनन शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की बात भी कही जा रही है।
खनन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक
जिला मुख्यालय सासाराम स्थित सर्किट हाउस में गुरुवार को खान एवं भूतत्व मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने खनन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने चिन्हित खनन क्षेत्रों और वहां खनन शुरू करने को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी ली। मंत्री ने अधिकारियों को खनन प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कई जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।
पत्थर खनन शुरू होने से खुलेंगे रोजगार के रास्ते
रोहतास जिले में लंबे समय से बंद पत्थर खनन दोबारा शुरू होने की खबर से स्थानीय लोगों में खुशी है। पत्थर उद्योग के फिर से शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने और आधारभूत संरचना से जुड़े निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि बड़े खनन ब्लॉकों को छोटे-छोटे ब्लॉकों में बांटने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
गायघाट और गिजवाही के बाद दो और ब्लॉकों की नीलामी
जिला खनन पदाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि गायघाट और गिजवाही ब्लॉक में नीलामी की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। उम्मीद है कि दिसंबर या जनवरी तक दोनों ब्लॉकों में पत्थर खनन का काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि करवंदिया और गिजवाही ब्लॉक-2 में भी पत्थर खनन के लिए वन विभाग से स्वीकृति मिल गई है। इन दोनों क्षेत्रों में भी खनन शुरू करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
दो किलोमीटर के दायरे में ही चलेंगे क्रशर
खनन पदाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि नीलामी में शामिल होने वाले कारोबारियों को ही क्रशर चलाने का लाइसेंस दिया जाएगा। इस बार पुराने नियमों के तहत अलग से क्रशर लाइसेंस लेने का प्रावधान नहीं है। उन्होंने बताया कि खनन क्षेत्रों के दो किलोमीटर की परिधि के भीतर ही सभी क्रशर मशीनों का संचालन किया जाएगा। विभाग की ओर से खनन और क्रशर संचालन की व्यवस्था को लेकर इसी आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।