रोहतास जिले के सासाराम में जनता दल यूनाइटेड के सांगठनिक चुनाव के दौरान जिलाध्यक्ष पद को लेकर जमकर हंगामा हुआ। पटेल धर्मशाला में चल रहे चुनाव कार्यक्रम में कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। कुछ कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया में मनमानी और नामांकन फॉर्म नहीं देने का आरोप लगाया।
रोहतास जिले में जनता दल यूनाइटेड के सांगठनिक चुनाव के दौरान रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जदयू जिलाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए। शहर के तकिया स्थित पटेल धर्मशाला में चुनावी कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान हंगामा इतना बढ़ गया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सदर एसडीएम डॉ. नेहा कुमारी को भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचना पड़ा। उन्होंने हंगामा कर रहे कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर शांत कराया। हंगामे के बाद जिला जदयू में आंतरिक गुटबाजी भी खुलकर सामने आ गई है। अब देखना होगा कि पार्टी का प्रदेश नेतृत्व जिलाध्यक्ष के चयन पर क्या निर्णय लेता है।
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मनमानी और नामांकन पत्र नहीं देने का आरोप
जिलाध्यक्ष पद के लिए चल रही चुनावी प्रक्रिया के दौरान मौजूद कार्यकर्ताओं ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव में मनमाना रवैया अपनाया जा रहा है और पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। जो उम्मीदवार अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी करना चाहते हैं, उन्हें जानबूझकर नामांकन फॉर्म नहीं दिया जा रहा है। आरोप है कि कुछ लोग मनमाने तरीके से चुनाव कराकर अपने पसंदीदा व्यक्ति को पद दिलाना चाहते हैं।
दो खेमों में बंटी पार्टी
चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं के एक गुट ने बिंदा चंद्रवंशी को निर्विरोध जिलाध्यक्ष घोषित कर नारेबाजी शुरू कर दी। जदयू नेता बिंदा चंद्रवंशी ने कहा कि निर्वाची पदाधिकारी संजीव पटेल की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए चुनाव कराया गया है। उन्होंने बताया कि निर्वाची पदाधिकारी द्वारा उन्हें प्रमाण पत्र भी दे दिया गया है। हालांकि दूसरे गुट ने निर्वाची पदाधिकारी पर पक्षपात का आरोप लगाया और इसका विरोध किया। इससे जिला जदयू दो खेमों में बंटी नजर आई।
हंगामे की सूचना मिलते ही सदर एसडीएम डॉ. नेहा कुमारी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने आक्रोशित कार्यकर्ताओं को शांत कराया। एसडीएम ने कहा कि चुनाव के दौरान जदयू कार्यकर्ताओं के बीच सहमति नहीं बन पाई है। उन्होंने सभी से कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। साथ ही कहा कि इस मामले को पार्टी के वरीय पदाधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा।