राज्यसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की जीत के बाद सियासी घमासान जारी है। विपक्ष लगातार एनडीए सरकार पर धनतंत्र के प्रयोग का आरोप लगा रहा है। पटना से लेकर दिल्ली तक राष्ट्रीय जनत दल के नेता एनडीए सरकार पर हमला बोल रही है। राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव ने कहा कि एनडीए वालों ने लोकतंत्र को धनतंत्र में बदल दिया। तंत्र और यंत्र की सरकार है यह। केवल तंत्र ही काम कर रहा है। राज्यसभा चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग हुआ है। 15-15 करोड़ रुपये देकर इनलोगों ने विधायकों को खरीदा है। यह बात सब जान गई है। यह धर्म और अधर्म की लड़ाई है। सच और झूठ की लड़ाई है। आखिर में जीत हमलोगों की ही होगी। क्योंकि हमलोग सच के साथ हैं।
'भाजपा की आस्था धनतंत्र में ही है'
वहीं राजद सांसद सुधाकर ने कहा कि जहां उनके (भाजपा) पास बहुमत नहीं था, वहां उन्होंने विपक्षी विधायकों को तोड़ने की कोशिश की। बिहार में भी उन्होंने चार विधायकों को तोड़ने का प्रयास किया; हरियाणा और ओडिशा से भी ऐसी खबरें आ रही हैं। अगर किसी पार्टी का पतन होना होता है, तो पहले उसका नैतिक पतन होता है और फिर राजनीतिक पतन होता है। भाजपा उन पार्टियों में है जिनमें नैतिकता की कोई समझ नहीं है। अगर वह इसी रवैये पर चलती रही, तो आने वाले दिनों में कई समस्याएं पैदा होंगी। यह लोग देश की जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इनकी आस्था लोकतंत्र में नहीं बल्कि धनतंत्र में है।
'राहुल-तेजस्वी गैर जिम्मेदार हैं'
भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने व्हिप तक जारी नहीं किया। राहुल गांधी कंबोडिया में पिकनिक मना रहे हैं, तेजस्वी यादव यूरोप में पिकनिक मना रहे हैं और कांग्रेस पार्टी के नेता भी कहीं न कहीं पिकनिक मना रहे थे। आज तक मैं समझ नहीं पाया कि यह कैसा महागठबंधन है, जिसमें वोटिंग के लिए तीन लाइन का व्हिप तक जारी नहीं किया जाता। इससे साफ होता है कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव कितने राजनीतिक रूप से गैर-जिम्मेदार हैं। इतनी बड़ी गलती सिर्फ राहुल गांधी के नेतृत्व में ही संभव है।
'विपक्ष बेवजद आरोप लगा रहा'
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद संजय झा ने कहा कि हम शुरू से ही कह रहे थे कि समर्थन के आधार पर हमारे सभी पांच उम्मीदवार आसानी से जीतेंगे। एनडीए को संख्या के खेल में कोई खास दिक्कत नहीं थी और परिणाम भी उसी के अनुरूप आए। बिहार में अभी बहुत काम बाकी है, इसलिए कई लोग चाहते हैं कि उनके क्षेत्रों में विकास कार्य किए जाएं। तेजस्वी यादव के हॉर्स ट्रेडिंग के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके विधायक अगर नहीं आए तो हमलोग क्या ही कह सकते हैं। महागठबंधन ने तो अपने विधायकों को होटल में नजरबंद कर दिया था। अगर फिर भी वह नहीं आए तो हमलोगों का इसमें क्या कसूर है। विपक्ष बेवजद आरोप लगा रहा है।
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'महागठबंधन पूरी तरह ‘महाफ्लॉप’ साबित हुआ'
पलटवार करते हुए भाजपा के प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि एनडीए के पांच उम्मीदवारों की जीत यह संदेश देती है कि बिहार में महागठबंधन पूरी तरह ‘महाफ्लॉप’ साबित हुआ है। बिहार की जनता हमारे साथ है। कांग्रेस और राजद पर तंज करते हुए उन्होंने कहा कि उनके अपने विधायक ही उन पर भरोसा नहीं करते। कांग्रेस एक डूबता हुआ जहाज़ है, जो भी उसमें बैठेगा, वह डूब जाएगा। कोई हॉर्स ट्रेडिंग नहीं हुई है। बल्कि उनके यहां अब कोई हॉर्स रहने को तैयार नहीं है। अस्तबल का गेट खुला हुआ है। उनके विधायकों को अब अपने नेता पर विश्वास ही नहीं है।