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Bihar News: बिहार जल संसाधन विभाग का एक्स अकाउंट हैक, जर्मनी के राष्ट्रपति के नाम से बनाया गया हैंडल; जानें

Wed, 19 Feb 2025 06:29 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Patna News: जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने इस घटना पर बयान देते हुए नागरिकों, मीडिया और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से भ्रमित करने वाली खबरों पर ध्यान न देने की अपील की। पढ़ें पूरी खबर...।
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बिहार जल संसाधन विभाग का एक्स हैंडल हुआ हैक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के आधिकारिक एक्स (ट्विटर) अकाउंट को अज्ञात साइबर अपराधियों द्वारा हैक कर लिया गया। उसके बाद इसका नाम और हैंडल कई बार बदला गया। इस दौरान एक समय यह हैंडल जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर स्टाइनमायर के नाम से भी अपडेट किया गया, जिससे सोशल मीडिया पर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। जल संसाधन विभाग ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में दी गई जानकारी भ्रामक और तथ्यों से परे है।

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विभाग के अनुसार, यह जल संसाधन विभाग का आधिकारिक अकाउंट (@WRD_Bihar) ही था। इसे हैकर्स ने अपने नियंत्रण में लेकर कई बार बदला। विभाग ने इस घटना की शिकायत एक्स की सपोर्ट टीम और बिहार पुलिस के साइबर सेल में दर्ज कराई थी।
 
हैकर्स ने बार-बार बदला अकाउंट का नाम और पहचान
जल संसाधन विभाग के आधिकारिक बयान के अनुसार, इस वेरिफाइड अकाउंट (जो पहले से ग्रे चेक मार्क के साथ सत्यापित था) को साइबर अपराधियों ने हैक करने के बाद अलग-अलग नामों और हैंडल्स में बदला। जानकारी के मुताबिक, पहले इसे ‘CHINA AI’ (@JKennedyTruth) नाम दिया गया, फिर ‘Anonymous group’ (@AnonymousAPTg) में बदला गया। इसके बाद ‘Stargate U.S.’ (@Stargate_GOV), फिर ‘UN State’ (@UNstatenation) और ‘Marcelo Rebelo’ (@ChapuDanielgov) नाम से अपडेट किया गया। हाल में इसे ‘Frank Steinmeier’ (@FrankWalterGER) में परिवर्तित कर दिया गया। इससे यह भ्रम फैला कि जर्मनी के राष्ट्रपति का आधिकारिक अकाउंट हैक हुआ है।
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सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाने वालों को दी चेतावनी
जल संसाधन विभाग ने स्पष्ट किया कि जैसे ही अकाउंट हैक हुआ, विभाग ने अगले ही दिन एक्स की सपोर्ट टीम से संपर्क किया और आधिकारिक अकाउंट को पुनः बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की। एक्स की टीम द्वारा कार्रवाई के बाद अकाउंट का नाम फिर से 'जल संसाधन विभाग, बिहार सरकार' कर दिया गया है। विभाग ने बताया कि अभी भी एक्स की आधिकारिक ईमेल प्रतिक्रिया का इंतजार है और पूरी घटना को लेकर बिहार पुलिस के साइबर सेल से भी शिकायत की गई है।
 
‘विभाग के सोशल मीडिया अकाउंट्स पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे’
जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने इस घटना पर बयान देते हुए नागरिकों, मीडिया और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से भ्रमित करने वाली खबरों पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने कहा कि हम अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं। साथ ही इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस अकाउंट से पहले 77 लोगों को फॉलो किया जा रहा था, जो कि मुख्यतः बिहार के ही थे और विभाग की सोशल मीडिया टीम द्वारा पहले से फॉलो किए गए थे।
 
जल संसाधन विभाग का आधिकारिक अकाउंट बहाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब जल संसाधन विभाग के एक्स अकाउंट को बहाल कर दिया गया है और नाम भी वापस अपने मूल स्वरूप में बदल दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए साइबर सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा और इस मामले की जांच जारी रहेगी। जल संसाधन विभाग ने यह भी कहा कि आगे से इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए साइबर सेल के साथ मिलकर विशेष उपाय किए जाएंगे, ताकि सरकारी सोशल मीडिया अकाउंट्स सुरक्षित रह सकें।

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