बिहार में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार ने 139 नगर निकायों को 100 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। यह निर्णय बिहार के नगर विकास एवं आवास मंत्री नितिन नवीन के आदेश के बाद लिया गया। इस राशि का उपयोग सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग और सैनिटरी लैंडफिलिंग की सुविधा विकसित करने के लिए किया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि कई नगर निकायों में सैनिटरी लैंडफिलिंग के लिए जगह का चयन कर लिया गया है। जहां जगह का चयन बाकी है, वहां जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
वेस्ट टू वेल्थ पर भी रहेगा ध्यान
मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ स्वच्छता सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि वेस्ट टू वेल्थ की राह पर भी आगे बढ़ना है। स्वच्छता अभियान से शहरों में पर्यावरण सुधार, ग्राउंडवॉटर स्तर की सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर बिहार को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। कई नगर निकायों में पहले ही सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है और आगे भी इसी गति से कार्य जारी रहेगा। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि अगले कुछ वर्षों में बिहार के शहरों की तस्वीर बदल जाएगी और प्रदेश को स्वच्छता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।