बिहार में पटना मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का गांधी मैदान भूमिगत मेट्रो स्टेशन शहर के सबसे व्यस्तम इलाकों में से एक होगा। यह गांधी मैदान के लिए परिवहन सेवा की लाइफलाइन के रूप में काम करेगा। जहां से न्यू पटना का हब कहे जाने वाले अशोक राजपथ का बाजार क्षेत्र शुरू होता है। 202 मीटर लंबा निर्माणाधीन भूमिगत मेट्रो स्टेशन गांधी मैदान और करगिल चौक के पास स्थित है।
गांधी मैदान पटना शहर के प्रमुख इलाकों में से एक है। जहां प्रमुख बाजार क्षेत्र, बिहार सरकार के कई प्रशासनिक कार्यालय, महत्त्वपूर्ण इमारतें और कॉलेज जैसे बापू सभागार, ज्ञान भवन, एसके मेमोरियल, गांधी मैदान, रेड-क्रॉस सोसाइटी और मगध महिला कॉलेज आदि का केंद्र है। इनको ध्यान में रखते हुए इस भूमिगत मेट्रो स्टेशन की योजना और रूप रेखा तैयार की गई है। इससे इलाके के लोगों को निर्बाध आवागमन की सुविधा मिल सके। इस स्टेशन के सबसे नजदीक आकाशवाणी और पीएमसीएच भूमिगत मेट्रो स्टेशन है। इससे शहर के व्यस्ततम इलाकों में से एक, इस क्षेत्र में यातायात सुगम हो जाएगा।
द्वितलीय भूमिगत मेट्रो स्टेशन-
• यह स्टेशन दो तल वाला है। पहले तल पर कॉनकोर्स और दूसरे तल पर प्लेटफॉर्म होगा।
• टिकट और अन्य यात्री-केंद्रित सुविधाएं कॉनकोर्स लेवल पर उपलब्ध होंगी।
स्टेशन पर तीन प्रवेश/निकास द्वार होंगे
a) प्रवेश/निकास द्वार -1 मगध महिला कॉलेज के पास रेड-क्रॉस सोसाइटी और पटना सिटी शाखा के सामने होगा।
b) प्रवेश/निकास द्वार -2 वर्तमान बांकीपुर बस स्टैंड के पास पटना समाहरणालय के लिए जाने वाले रोड के पास होगा।
c) प्रवेश/निकास द्वार -3 गांधी मैदान के सामने काली मंदिर के पास होगा।
d) इस स्टेशन पर विशेष रूप से दिव्यांग जनों और वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रवेश/निकास द्वार 2 और 3 पर दो लिफ्ट भी प्रस्तावित की गई हैं।
यात्रियों के लिए सुविधाएं:-
स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए सात एस्केलेटर और पांच सीढ़ियों की योजना बनाई गई है। इनमें से स्टेशन परिसर में यात्रियों के प्रवेश के लिए प्रत्येक प्रवेश/निकास पर एक एस्केलेटर और एक सीढ़ी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त कॉनकोर्स से प्लेटफॉर्म लेवल तक लोगों के आने-जाने के लिए चार एस्केलेटर और दो सीढ़ियां भी दी जाएंगी।
आपातकालीन स्थितियों के लिए व्यवस्था
किसी भी आपातकालीन स्थिति में, स्टेशन पर लोगों के उपयोग के लिए दो फायर एस्केप (सीढ़ियां) बनाने का प्रस्ताव है। इनका उपयोग करके यात्रियों को प्लेटफॉर्म से कॉन्कोर्स तक निकाला जाएगा। फिर वहां से स्टेशन परिसर से बाहर निकलने के लिए तीन प्रवेश/निकास द्वारों में से कोई भी लिया जा सकता है। आपातकालीन स्थितियों के दौरान स्टेशन परिसर में प्रवेश करने के लिए अग्निशामकों के लिए एक फायरमैन सीढ़ी (अलग से) भी दी गई है।
पटना मेट्रो यात्रियों की सुविधा के लिए मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (एमआरटीएस) के अलावा मल्टी-मोडल इंटीग्रेशन को अपना रहा है। ताकि लोगों की यात्रा सुगम हो सके। शहर में मेट्रो शुरू होने से लोगों का रुझान सार्वजनिक परिवहन की ओर बढ़ेगा। मेट्रो न केवल सस्ती और सुविधाजनक होगी, बल्कि इससे प्रदूषण भी कम होगा क्योंकि इससे सड़क पर वाहनों की संख्या में कमी आएगी।