नालंदा जिले के सदर अस्पताल में गुरुवार की शाम अफरा-तफरी मच गई, जब सड़क हादसे में घायल एक युवक की मौत के बाद परिजन और उनके साथ आए असामाजिक तत्वों ने बवाल काटा। आक्रोशित भीड़ ने इमरजेंसी वार्ड के दरवाजे का शीशा तोड़ दिया और ड्यूटी पर तैनात डॉ. संजीव कुमार के साथ धक्का-मुक्की करते हुए उन्हें बाहर खींचने की कोशिश की। इसके बाद परिजन तीनों युवकों को जबरदस्ती अस्पताल से ले गए।
मामले का विवरण
घटना सिलाव हाई स्कूल के पास हुई, जहां बाइक पर सवार तीन युवक सड़क हादसे का शिकार हो गए। घायलों की पहचान लहेरी थाना क्षेत्र के गगनदीवान निवासी अमन (22), कटरा निवासी कैफी (24) और जुनैद (21) के रूप में हुई। सिलाव पीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद नाजुक हालत में उन्हें सदर अस्पताल रेफर किया गया था। अस्पताल में इलाज के दौरान अमन की मौत हो गई, जबकि अन्य दो की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च स्तर के केंद्र में रेफर किया गया।
डॉक्टर पर हमला और तोड़फोड़
अमन की मौत की खबर सुनते ही परिजन उग्र हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं थे, जबकि अस्पताल प्रबंधन और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि डॉ. संजीव कुमार और उनकी टीम मरीजों का इलाज कर रही थी। इस दौरान कुछ उपद्रवियों ने डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ के साथ धक्का-मुक्की की और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। सूचना मिलते ही पुलिस और निजी सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उपद्रवी युवकों को लेकर फरार हो चुके थे।
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हेलमेट न पहनने से लगी गंभीर चोट
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन ने कहा कि युवक हेलमेट नहीं पहने थे और बाइक पर बड़ी तेजी से चल रहे थे। एक्सीडेंट में उन्हें सिर में गंभीर चोटें आई थीं। अस्पताल की पूरी टीम ने व्यवस्थित ढंग से इलाज किया, लेकिन परिजन और उनके साथ आए लोग असंयमित थे। उन्होंने डॉक्टर, सिस्टर और पैरामेडिकल स्टाफ पर हाथ उठाया और अस्पताल में तोड़फोड़ की। इस पूरे घटनाक्रम को सीसीटीवी में कैद किया गया है और प्रशासन इस पर कार्रवाई करेगा।