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Bihar News : कब से हटेगा शहरों में फैला का कूड़ा? नगर निगम के संविदा कर्मियों से सरकार का हो गया समझौता

Thu, 06 Aug 2026 12:56 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Nagar Nigam : पटना समेत राज्य भर के नगर निकायों में संविदा पर कार्यरत सफाई कर्मियों की हड़ताल आखिरकार खत्म हो गई। नगर विकास विभाग के मंत्री के साथ हुई बातचीत में सरकार ने संविदा कर्मियों की कई बातें मान लीं, ताकि जल्दी से जल्दी अब सफाई का काम शुरू हो सके।
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मंत्री नीतीश मिश्र ने संविदाकर्मियों को मिठाई खिलाकर हड़ताल खत्म करवाया। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के नगर निकायों में पिछले आठ दिनों से जारी संविदाकर्मियों की हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार के साथ वार्ता के बाद पटना नगर निगम समेत राज्य के सभी नगर निकायों के संविदाकर्मियों ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा कर दी है। करीब 4700 सफाईकर्मी और चालक 30 जुलाई से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे, जिससे पटना, नालंदा, मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी।

 

हड़ताल के कारण राजधानी पटना के बोरिंग रोड, नेहरू नगर, आनंदपुरी, एसके पुरी, शिवपुरी, राजीव नगर, एजी कॉलोनी, पटेल नगर, शास्त्रीनगर, राजेंद्र नगर, कंकड़बाग, महेंद्रू और सुल्तानगंज समेत कई इलाकों में कचरे का अंबार लग गया था। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण ठप हो गया था और कचरा ढोने वाले ई-रिक्शा व बड़े वाहनों का संचालन भी प्रभावित हुआ। नगर निगम की ओर से रात में सीमित स्तर पर कचरा उठाव कराया जा रहा था, लेकिन हालात सामान्य नहीं हो पाए थे।

 

पटना नगर निगम समन्वय समिति के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि हड़ताल की सूचना डेढ़ महीने पहले ही सरकार और प्रशासन को दे दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने बताया कि सरकार ने कर्मचारियों की कई प्रमुख मांगों पर सहमति दी है। अब दैनिक और संविदा कर्मियों को छुट्टी, ग्रेच्युटी और सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इन सुविधाओं को स्थायी कर्मचारियों के समान लागू करने पर सहमति बनी है।

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संविदाकर्मियों की क्या मांगें थीं?

संविदाकर्मियों का कहना था कि वे वर्षों से कम मानदेय पर सफाई व्यवस्था संभाल रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिलती थीं। उनकी प्रमुख मांगों में स्थायीकरण, समान काम के लिए समान वेतन, मानदेय में वृद्धि और स्वास्थ्य बीमा व ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं शामिल थीं। सरकार की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया।


मंत्री नीतीश मिश्रा ने क्या कहा?

वहीं, मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि सरकार सफाईकर्मियों के हितों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि कई मांगों पर सहमति बन गई है, जबकि शेष मांगों पर विचार के लिए एक समिति गठित की जाएगी, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा। अब हड़ताल समाप्त होने के बाद राज्य के नगर निकायों में सफाई व्यवस्था जल्द सामान्य होने की उम्मीद है।

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