मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव पद से आखिरकार दीपक कुमार की विदाई हो गई। भारतीय प्रशासनिक सेवा में राज्य के मुख्य सचिव पद से रिटायर होने के बाद दीपक कुमार को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विशेष पद गठित करते हुए मुख्यमंत्री सचिवालय में रखा था। अप्रैल में मुख्यमंत्री पद पर सम्राट चौधरी की ताजपोशी के बाद से माना जा रहा था कि दीपक कुमार की विदाई कभी भी हो जाएगी। अब आखिरकार इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। इससे पहले, बिहार के पुलिस महानिदेशक रहे विनय कुमार ने वीआरएस लिया था तो उन्हें मुख्य सूचना आयुक्त बनाया गया। दीपक कुमार को आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में भेजा गया है।
मुख्यमंत्री सचिवालय से नीतीश-प्रिय एक-एक कर हटे
हर जगह होता है, जब सरकार का चेहरा बदलता है। बिहार में भी वही हुआ। मुख्यमंत्री की कुर्सी से नीतीश कुमार के हटने के बाद से पूरे निज़ाम को बदलने की प्रक्रिया चल रही है। इसी के तहत महाधिवक्ता रहे पीके शाही ने पदत्याग किया था। पिछले दिनों डीजीपी पद पर भी ऐसा ही हुआ। जिन अधिकारियों को नीतीश का करीबी माना जाता रहा है, उन्हें तबादला आदेशों के तहत दूसरी जगहों पर भेजे जाने का सिलसिला जारी है। कुमार रवि, डॉ. चंद्रशेखर समेत कई आईएएस अधिकारी इस सूची में शामिल रहे हैं।
नियंत्रक के रूप में दीपक कुमार की रही पहचान
बिहार के मुख्य सचिव रहते दीपक कुमार को विपक्षी दलों ने सरकार पर पूर्ण नियंत्रण रखने वाला अधिकारी करार दिया था। तेजस्वी यादव समेत सभी विपक्षी नेता मौका-बेमौका दीपक कुमार को निशाने पर रखते थे। जब तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रिटायरमेंट के बाद उन्हें सीएम के प्रधान सचिव की जिम्मेदारी दी तो दीपक कुमार को विपक्ष ने ‘सुपर सीएम’ तक कहना शुरू कर दिया। अप्रैल में मुख्यमंत्री बनने के बाद से सम्राट चौधरी सरकार की तरफ विपक्ष की भी नजर थी कि वह दीपक कुमार को कब हटाते हैं। सरकार में आने के बाद करीब पांच महीने तक दीपक कुमार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ लगभग हर समय नजर आए। आज वह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सीएम के भ्रमण के दौरान नजर नहीं आए। तभी से यह पक्का हो गया कि उन्हें नई जगह भेजने की औपचारिक घोषणा अब होने को है।