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Bihar: बख्तियारपुर का नाम बदलने की मांग फिर तेज! 'शीलभद्र याजी नगर' करने की अपील; परिजनों ने दिया धरना

Tue, 30 Jun 2026 09:26 AM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

बख्तियारपुर में स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों ने शहर का नाम बदलकर 'शीलभद्र याजी नगर' करने की मांग को लेकर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि वर्ष 1997 में प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन मामला अब तक लंबित है। सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की गई है।
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बख्तियारपुर शहर का नाम बदलने की मांग - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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बख्तियारपुर शहर का नाम बदलने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। मंगलवार को स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों ने धरना-प्रदर्शन कर शहर का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस के करीबी रहे स्वतंत्रता सेनानी पंडित शीलभद्र याजी के नाम पर रखने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से इस लंबे समय से लंबित प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।
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प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बख्तियारपुर का वर्तमान नाम मुगल आक्रांता बख्तियार खिलजी से जुड़ा बताया जाता है। उनका कहना था कि स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले पंडित शीलभद्र याजी के सम्मान में शहर का नाम 'शीलभद्र याजी नगर' रखा जाना चाहिए।

1997 से लंबित है प्रस्ताव
धरने में शामिल लोगों ने बताया कि आजादी की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर वर्ष 1997 में शहर का नाम बदलने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था। उनका दावा है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताई थी। साथ ही तत्कालीन बिहार के राज्यपाल सरदार बूटा सिंह ने भी 'शीलभद्र याजी नगर' नाम के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी किया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इसके बावजूद यह प्रस्ताव वर्षों से गृह मंत्रालय में लंबित पड़ा है।
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मुख्यमंत्री से जल्द निर्णय लेने की मांग
धरने में शामिल स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से इस मामले में हस्तक्षेप कर नाम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।

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'सरकार की निष्क्रियता से हो रही देरी'
धरने को संबोधित करते हुए कुणाल किशोर ने कहा कि सरकार की निष्क्रियता के कारण इस मामले में लगातार देरी हो रही है।

वहीं, स्वतंत्रता सेनानी के उत्तराधिकारी दिनेश प्रसाद सिंह ने कहा कि उनका धरना सरकार को उसकी जिम्मेदारी याद दिलाने के लिए है। उन्होंने कहा कि जनता की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए और सरकार को इस मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

 

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