खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 के अंतर्गत वेटलिफ्टिंग स्पर्धाओं के अंतिम दिन ऐतिहासिक दृश्य सामने आया, जब पहली बार बिहार और जम्मू-कश्मीर ने इस खेल में पदक जीतकर अपने-अपने राज्यों के लिए नया अध्याय रच दिया। राजगीर में आयोजित पांच दिवसीय प्रतियोगिता के दौरान कुल 10 राष्ट्रीय रिकॉर्ड बने, जिसने इस संस्करण को अब तक का सर्वश्रेष्ठ बना दिया।
वेटलिफ्टिंग स्पर्धाओं का समापन नए चेहरों और नई उपलब्धियों के साथ हुआ। बालक +102 किलोग्राम वर्ग में हरियाणा के सनी भाटी ने 268 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता, जिसमें क्लीन एंड जर्क में 151 किलोग्राम शामिल था। जम्मू-कश्मीर के सात्विक लूथरा ने महज दो किलोग्राम के अंतर से रजत पदक पर कब्जा किया। हालांकि तीसरे प्रयास में 151 किलोग्राम वजन उठाने में चूकने के कारण वे स्वर्ण से चूक गए, लेकिन उनका प्रदर्शन गौरवपूर्ण रहा।
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चोट के बावजूद शानदार प्रदर्शन
जम्मू-कश्मीर के सात्विक लूथरा ने यह पदक उस समय हासिल किया जब वह कुछ महीनों पहले तक कलाई की चोट से जूझ रहे थे। उन्होंने बताया कि उनके कोच आकाश विर्धी ने उन्हें हर बार सिर्फ एक लिफ्ट पर ध्यान केंद्रित करना सिखाया। यही सीख उन्हें कठिन परिस्थिति में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रही। उन्होंने कहा कि उनके पिता विजय लूथरा ने उन्हें इस खेल से जोड़ा और उनका मार्गदर्शन हमेशा उनके साथ रहा।
बिहार के उज्ज्वल सिंह का पहला राष्ट्रीय पदक
बिहार के लिए यह दिन इसलिए भी खास रहा क्योंकि जहानाबाद के उज्ज्वल सिंह ने पहली बार राज्य के लिए वेटलिफ्टिंग में पदक जीता। उन्होंने कुल 241 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया। उज्ज्वल, पटना के पास साई के खेलो इंडिया केंद्र में प्रशिक्षण ले रहे हैं। पूर्व सैनिक अमरनाथ सिंह के बेटे उज्ज्वल का लक्ष्य अब अहमदाबाद में होने वाले कॉमनवेल्थ ट्रायल्स में जगह बनाना है।
उन्होंने कहा कि यह मेरा पहला खेलो इंडिया पदक है। मैं शुरुआत में नर्वस था लेकिन मेरे भाई की सलाह ने मुझे शांत रहने और अच्छा प्रदर्शन करने में मदद की। उज्ज्वल को उम्मीद है कि यह उपलब्धि उन्हें स्कॉलरशिप दिलाने में सहायक होगी।
बालिका वर्ग में केरल की अमृथा की चमक
बालिका +81 किलोग्राम वर्ग में केरल की अमृथा पी. सुनी ने शानदार प्रदर्शन कर 181 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। उन्होंने स्नैच में 79 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 102 किलोग्राम का प्रदर्शन किया। आंध्र प्रदेश की कर्णाटि नागा रामालक्ष्मी ने 176 किलोग्राम के साथ रजत और पंजाब की गगनदीप कौर ने 167 किलोग्राम के साथ कांस्य पदक जीता।
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अमृथा ने बताया कि उन्हें वेटलिफ्टिंग में रुचि अपने पिता से मिली, जो खुद एक राष्ट्रीय स्तर के वेटलिफ्टर रह चुके हैं। वर्तमान में वे इंजीनियरिंग सुपरवाइज़र के रूप में कार्यरत हैं। अमृथा ने कहा कि जब मैं मंच पर होती हूं, तो सिर्फ एक बात सोचती हूं– अपना सर्वश्रेष्ठ देना। मेरा लक्ष्य भारत का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करना है।
एनसीओई लखनऊ बना निखरते खिलाड़ियों की आधारशिला
अमृथा वर्तमान में नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (एनसीओई), लखनऊ में ट्रेनिंग कर रही हैं। जहां उन्हें बेहतरीन कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस एक्सपर्ट्स, न्यूट्रिशनिस्ट, मसाज थेरेपी और फिजियो सेवाएं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि एक एथलीट को उसकी सफलता के लिए जो कुछ चाहिए, वह सब हमें यहां मिल रहा है।
प्रतियोगिता के परिणाम
बालिका +81 किलोग्राम वर्ग:
स्वर्ण– अमृथा पी. सुनी (केरल)– 181 किग्रा
रजत– कर्णाटि नागा रामालक्ष्मी (आंध्र प्रदेश)– 176 किग्रा
कांस्य– गगनदीप कौर (पंजाब)– 167 किग्रा
बालक +102 किलोग्राम वर्ग:
स्वर्ण– सनी भाटी (हरियाणा)– 268 किग्रा
रजत– सात्विक लूथरा (जम्मू-कश्मीर)– 266 किग्रा
कांस्य– उज्ज्वल सिंह (बिहार)– 241 किग्रा