राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (जीएमसीएच), बेतिया एक बार फिर शर्मनाक घटना को लेकर सुर्खियों में है। इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे मरीज के परिजनों के साथ जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल इंटर्न छात्रों द्वारा बेरहमी से मारपीट किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें अस्पताल परिसर में अराजकता और मारपीट का दृश्य देखा जा सकता है।
दस से अधिक मेडिकल इंटर्न ने किया हमला: पीड़ित
पीड़ित परिजनों के अनुसार, मरीज सुशीला देवी को परिजन इलाज के लिए पटना से बेतिया ला रहे थे। रास्ते में तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जीएमसीएच में भर्ती कराया गया। आरोप है कि इलाज के दौरान एक डॉक्टर ने मरीज का ऑक्सीजन मास्क हटा दिया। इस पर मरीज के बेटे विशाल राज ने डॉक्टर से केवल यह पूछा कि मास्क क्यों हटाया गया है। परिजनों का आरोप है कि इसी बात को लेकर डॉक्टर से कहासुनी हो गई और कुछ ही देर में करीब दस से अधिक मेडिकल इंटर्न छात्र मौके पर पहुंच गए। इसके बाद विशाल राज और उसके भाई अमन ठाकुर के साथ लात-घूंसे और जूतों से सरेआम मारपीट की गई।
मरीज की हुई मौत
पीड़ित युवक के पिता ज्ञानप्रकाश ने बताया कि उनके बेटे की गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने अपनी मां के ऑक्सीजन मास्क के बारे में सवाल पूछ लिया। आरोप लगाया कि मेडिकल छात्रों ने गुंडों की तरह हमला किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल इलाज की जगह अब मारपीट का केंद्र बनता जा रहा है। इस बीच, बताया जा रहा है कि मरीज सुशीला देवी, जो बेतिया के क्रिश्चियन क्वार्टर की रहने वाली थीं, इलाज के दौरान दम तोड़ गईं। मामले पर जीएमसीएच की अधीक्षक डॉ. सुधा भारती ने बताया कि मरीज गंभीर अवस्था में अस्पताल लाई गई थी और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद परिजनों और डॉक्टरों के बीच विवाद बढ़ गया।
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पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब जीएमसीएच में इस तरह की घटना सामने आई हो। इससे पहले भी मेडिकल इंटर्न छात्रों पर जीविका दीदियों और अन्य मरीजों के परिजनों के साथ मारपीट के आरोप लग चुके हैं। हालांकि कुछ मामलों में औपचारिक कार्रवाई हुई, लेकिन अब तक सख्त प्रशासनिक कदम नहीं उठाए गए हैं।