सीएम नीतीश और राज्यपाल फागू चौहान(फाइल)
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बिहार की सियासत में घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल से शाम चार बजे मिलने का वक्त मांग लिया है। बताया जा रहा है कि नीतीश के साथ तेजस्वी भी राज्यपाल से मुलाकात करने जाएंगे। सूत्रों के हवाले से खबर यह भी है कि राज्यपाल से मुलाकात के बाद सीएम नीतीश इस्तीफा दे देंगे। इस बीच पत्रकारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता शकील अहमद ने दावा किया है कि नीतीश कुमार महागठबंधन के मुख्यमंत्री होंगे।
जानिए क्या हैं बिहार के राजनीतिक आंकड़े?
बिहार विधानसभा में सीटों की कुल संख्या 243 है। यहां बहुमत साबित करने के लिए किसी भी पार्टी को 122 सीटों की जरूरत है। वर्तमान आंकड़ों को देखें तो बिहार में सबसे बड़ी पार्टी राजद है। उसके पास विधानसभा में 79 सदस्य हैं। वहीं, भाजपा के पास 77, जदयू के पास 45, कांग्रेस के पास 19, कम्यूनिस्ट पार्टी के पास 12, एआईएमआईएम के पास 01, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के पास 04 सदस्य हैं। इसके अलावा अन्य विधायक हैं।
कैसे बन रहे हैं नए समीकरण?
वर्तमान में जदयू के पास 45 विधायक हैं। उसे सरकार बनाने के लिए 77 विधायकों की जरूरत है। पिछले दिनों राजद और जदयू के बीच नजदीकी भी बढ़ी हैं। ऐसे में अगर दोनों साथ आते हैं तो राजद के 79 विधायक मिलाकर इस गठबंधन के पास 124 सदस्य हो जाएंगे, जो बहुमत से ज्यादा हैं। इसके अलावा खबर है कि इस गठबंधन में कांग्रेस और कम्यूनिस्ट पार्टी भी शामिल हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो कांग्रेस के 19 और कम्यूनिस्ट पार्टी के 12 अन्य विधायकों को मिलाकर गठबंधन के पास बहुमत से कहीं ऊपर 155 विधायक होंगे। इसके अलावा जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के चार अन्य विधायकों का भी उन्हें साथ मिल सकता है।