बिहार में प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना-2.0 को गति देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नगर विकास एवं आवास विभाग के अनुसार, योजना के तहत राज्य की 200 लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC) परियोजनाओं में प्रभावी क्रियान्वयन के लिए SNA SPARSH के माध्यम से द्वितीय किस्त के रूप में 262.37 करोड़ रुपये व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस राशि से पात्र लाभार्थियों को आवास निर्माण कार्य में तेजी लाने में मदद मिलेगी तथा शहरी गरीब परिवारों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।
‘सबके लिए आवास’ लक्ष्य को पूरा करने पर सरकार का जोर
नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना-2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरी प्रतिबद्धता और तत्परता के साथ कार्य कर रही है। राज्य सरकार का संकल्प है कि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक पात्र और जरूरतमंद परिवार को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं सम्मानजनक पक्का आवास उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि ‘सबके लिए आवास’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने की दिशा में बिहार सरकार लगातार आगे बढ़ रही है।
1 सितंबर 2024 से लागू है योजना
नीतीश मिश्रा ने बताया कि आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना-2.0 का शुभारंभ 1 सितंबर 2024 से किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में रहने वाले आवासविहीन तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सुरक्षित, टिकाऊ और पक्का आवास उपलब्ध कराना है, ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके।
अपनी जमीन पर घर बनाने वालों को मिलेगी सहायता
उन्होंने बताया कि योजना के बीएलसी घटक के अंतर्गत पात्र परिवारों को उनकी उपलब्ध भूमि पर नए पक्के आवास के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इससे आर्थिक संसाधनों के अभाव में अपना घर बनाने में असमर्थ परिवारों को सरकार की ओर से आवश्यक सहयोग प्राप्त होगा।
राष्ट्रीय भवन संहिता के अनुरूप बनेंगे मकान
मंत्री ने कहा कि योजना के तहत बनने वाले आवासों का निर्माण राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC) में निर्धारित भवन सुरक्षा एवं डिजाइन मानकों के अनुरूप किया जाएगा। इसके तहत लाभार्थियों को न्यूनतम 30 वर्ग मीटर और अधिकतम 45 वर्ग मीटर कारपेट एरिया तक के सभी मौसमों के अनुकूल पक्के आवास निर्माण की अनुमति दी जा सकती है।
पारदर्शिता और गुणवत्ता के लिए बनेगी नई गाइडलाइन
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना-2.0 के अंतर्गत आवास निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा विस्तृत गाइडलाइन तैयार की जा रही है। इन दिशानिर्देशों के माध्यम से लाभार्थियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ योजना के क्रियान्वयन में जवाबदेही और पारदर्शिता को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।
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हर घर में होंगे दो कमरे, रसोईघर और शौचालय
नीतीश मिश्रा ने कहा कि योजना के तहत निर्मित प्रत्येक आवास में कम-से-कम दो कमरे, एक रसोईघर तथा शौचालय एवं स्नानघर की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे लाभार्थी परिवारों को बेहतर जीवन-परिस्थितियां उपलब्ध होंगी तथा स्वच्छता, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा।