उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि लालू राज में सीतामढ़ी का वह भीषण दंगा आज भी लोग नहीं भूले हैं, जिसमें सैंकड़ों लोग घायल हुए और संपत्ति का भारी नुकसान हुआ था। 1992 में वहां दो समुदायों के बीच हिंसा भड़की और 65 लोग मारे गए थे। लालू प्रसाद दंगा क्यों नहीं रोक पाए? राबड़ी देवी के शासनकाल में बिहारशरीफ भी दंगों की आग में जला था।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में जब तक एनडीए की सरकार है, साम्प्रदायिकता, अपराध और भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति कायम रहेगी। राज्य सरकार दंगाइयों पर कड़ी नजर रखती है। इसकी चिंता लालू प्रसाद न करें।
सम्राट चौधरी ने कहा कि जिन लोगों ने भागलपुर दंगा, सीवान के आतंक शहाबुद्दीन को संरक्षण दिया, वे किस मुंह से दंगों को लेकर बयान दे रहे हैं? उन्होंने कहा कि राजद की जमीन खिसक गई है। वे लोकसभा में केवल 4 सीट जीत पाए, इसलिए लालू परिवार अल्पसंख्यकों को भाजपा का भय दिखा कर वोट बैंक को साधने की कोशिश कर रही है।