पटना के पांच प्रमुख होटलों में खाद्य संरक्षा टीम के औचक निरीक्षण में स्वच्छता, भंडारण और खाद्य सुरक्षा मानकों से जुड़ी खामियां मिलीं। एक्सपायरी सामग्री नष्ट कराई गई, विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए और 14 दिनों में सुधार के निर्देश दिए गए।
राज्य में आम लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण, खाद्य पदार्थों के नमूना संग्रहण और प्रयोगशाला जांच की कार्रवाई लगातार जारी है। सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर खाद्य संरक्षा अधिकारियों की टीम ने पटना के पांच प्रमुख होटलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य पदार्थों के भंडारण, रसोई की स्वच्छता, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, पानी की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन में कई अनियमितताएं पाई गईं। संबंधित होटलों को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी कर 14 दिनों के भीतर कमियों को दूर करने का निर्देश दिया गया।
खाद्य संरक्षा टीम ने मेसर्स होटल गर्गी ग्रैंड, मेसर्स पाटलिपुत्र एक्सोटिका, द पनाश होटल, होटल मौर्या और लेमन ट्री होटल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए गए, जबकि एक्सपायरी और अनुपयुक्त खाद्य सामग्री को नष्ट कराया गया।
कार्रवाई के तहत पनीर और अरहर दाल के वैधानिक नमूने संग्रहित कर जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया की गई। अनियमितताओं को देखते हुए होटल को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया और 14 दिनों के भीतर सभी कमियों को दूर करने का निर्देश दिया गया।
पाटलिपुत्र एक्सोटिका में एक्सपायरी सामग्री नष्ट
पाटलिपुत्र एक्सोटिका की रसोई में साफ-सफाई की स्थिति असंतोषजनक पाई गई। स्टोर रूम में एफआईएफओ प्रणाली का पालन नहीं हो रहा था और खाद्य सामग्री रखने की व्यवस्था भी उचित नहीं थी। रसोई का वेंटिलेटर टूटा हुआ था, जिसके कारण वहां कबूतर की मौजूदगी मिली। इसके अलावा, बिल पर एफएसएसएआई नंबर भी अंकित नहीं था।
निरीक्षण के दौरान 6 किलोग्राम राज मिल्क, 8 किलोग्राम बेकरी मिक्स, 1.5 किलोग्राम हाइड्रो और 100 ग्राम जीरा सीप एक्सपायरी पाए गए। इन सामग्रियों को नष्ट कराया गया। होटल प्रबंधन को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी कर 14 दिनों के भीतर कमियों को दूर करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा, उपयोग की अंतिम तिथि अंकित नहीं होने के कारण छह पैकेट ब्रेड भी नष्ट कराए गए। होटल में इस्तेमाल किए जा रहे पानी की टीडीएस मीटर से जांच की गई, जिसमें टीडीएस का मान 44 पाया गया। निरीक्षण प्रतिवेदन में इसे निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं माना गया। खाद्य पदार्थों से संबंधित नौ बिंदुओं पर कार्रवाई और विसंगतियों का उल्लेख किया गया। संबंधित खाद्य पदार्थों का कुल बाजार मूल्य 6,250 रुपये बताया गया। होटल को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी कर 14 दिनों के भीतर कमियों को दूर करने का निर्देश दिया गया।
पढ़ें: मुजफ्फरपुर में फर्जी जमीन म्यूटेशन का मामला: निलंबित सीओ महेंद्र शुक्ला गिरफ्तार, विधायक समेत नौ पर आरोप
होटल मौर्या में एल्युमिनियम के बर्तनों के इस्तेमाल पर रोक
साउथ गांधी मैदान स्थित होटल मौर्या की रसोई में खाद्य पदार्थ तैयार करने के लिए एल्युमिनियम के बर्तनों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई। खाद्य पदार्थों को गर्म और ठंडा रखने की प्रक्रिया से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। तापमान प्रबंधन में भी कमियां मिलीं। फ्रिज और कुछ डीप फ्रीजर में जंग लगा हुआ पाया गया। होटल से पनीर और सॉल्टेड बटर के नमूने संग्रहित किए गए। पनीर का नमूना जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला, अगमकुआं भेजने की कार्रवाई की गई।
इसके अलावा, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता असंतोषजनक पाई गई। ड्रेनेज सिस्टम में सुधार की जरूरत थी। खाद्य और गैर-खाद्य पदार्थों को अलग-अलग नहीं रखा जा रहा था तथा डस्टबिन बिना ढक्कन के पाए गए। इन कमियों को दूर करने के लिए होटल को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी कर 14 दिनों की समयसीमा दी गई।
खाद्य संरक्षा टीम ने सभी संबंधित प्रतिष्ठानों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने, उचित भंडारण, रसोई की स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विभाग ने स्पष्ट किया कि आम लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए नियमित निरीक्षण, नमूना संग्रहण और नियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।