नए साल के पहले दिन भगवान भास्कर बिहार के कई जिलों में दिखे। लोगों को थोड़ा सुकून जरूर मिला लेकिन उन्हें कनकनी से राहत नहीं मिली। सर्द हवा के कारण लोग धूप में भी ठिठुरते हुए दिखे। मौसम विभाग ने आज 11 जिलों में शीत दिवस और पूरे बिहार में घना कोहरा का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, सीवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, नालंदा, जहानाबाद, खगड़िया, भागलपुर, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार में शीत दिवस का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दो, तीन और चार जनवरी को भी ऐसी ही स्थिति रहेगी। मौसम विभाग ने आज पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, गया, नालंदा, भागलपुर, मधुबनी, सुपौल, पूर्णिया, किशनगंज में कुछ स्थानों घना कोहरा छाए रहने के आसार हैं।
तीन जनवरी तक कई जिलों में शीत दिवस
मौसम विभाग के अनुसार, अगले सात दिनों तक राज्य का मौसम शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन ठंड और कोहरे से राहत मिलने के आसार कम हैं। एक जनवरी को पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मधेपुरा, खगरिया, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, नालंदा, जहानाबाद और अरवल जिलों में शीत दिवस जैसी स्थिति बन सकती है। साथ ही दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार में अति घना कोहरा तथा उत्तर और दक्षिण-पूर्वी जिलों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है। दो और तीन जनवरी को भी कई जिलों में शीत दिवस और घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। चार से सात जनवरी तक खासकर उत्तर बिहार समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने बताया कि अगले 4–5 दिनों तक राज्य के कई इलाकों में मध्यम से घना कोहरा बना रहेगा, जबकि अधिकतम और न्यूनतम तापमान में अगले पांच दिनों तक कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।
सीवान में सबसे ज्यादा ठंडी पड़ी
नए साल के पहले दिन बिहार का मौसम शुष्क बना रहा। बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के छपरा और मधुबनी में भीषण शीत दिवस दर्ज किया गया, जबकि भागलपुर, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर में शीत दिवस की स्थिति रही। अधिकतम तापमान 14.6 से 22.7 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जिसमें सबसे अधिक 22.7 डिग्री तापमान किशनगंज में दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 5.8 से 10.5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस जीरादेई (सीवान) में रिकॉर्ड किया गया। पूर्वी और दक्षिणी बिहार के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान में एक से तीन डिग्री की हल्की बढ़ोतरी देखी गई, जबकि शेष क्षेत्रों में तापमान लगभग स्थिर बना रहा। इस दौरान वर्षा नहीं हुई। घने कोहरे का असर भी साफ दिखा, जहां भागलपुर में न्यूनतम दृश्यता मात्र 20 मीटर तक सिमट गई।