बिहार में मानसून पूरी तरह से सक्रिय है। बुधवार को राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। पटना में मंगलवार दोपहर से ही रुक रुक कर बारिश हो रही है। बुधवार सुबह भी झमाझम बारिश हुई। आसमान में बादल छाए हैं। कई इलाकों में बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने दो, तीन और चार सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवा चल सकती है। वहीं पांच और छह सितंबर को वज्रपात और गरज-चमक को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तर बिहार में ज्यादा सक्रिय रहेगा मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर बिहार के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां अधिक रहने की संभावना है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज में बारिश हो सकती है। इसके अलावा सहरसा, पूर्णिया, कटिहार और मधेपुरा में भी कई स्थानों पर बारिश की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में मौसम के अधिक सक्रिय रहने का अनुमान है।
पटना समेत दक्षिण बिहार में भी बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी पटना समेत वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय और खगड़िया में भी बारिश हो सकती है। दक्षिण बिहार के गया, जहानाबाद, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई, बांका, भागलपुर और मुंगेर में भी मौसम बदलने की संभावना है। हालांकि, दक्षिण बिहार के कई जिलों में बारिश कुछ स्थानों तक सीमित रह सकती है।
पांच और छह सितंबर को वज्रपात का खतरा
मौसम विभाग के अनुसार, दो से चार सितंबर तक भारी बारिश का दौर रह सकता है। इसके बाद पांच और छह सितंबर को गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। फिलहाल सात और आठ सितंबर के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। बिजली चमकने के समय खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने को कहा गया है। मौसम विभाग ने कहा कि बिहार में बारिश के इस दौर के पीछे गंगीय पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्र में बने निम्न दबाव क्षेत्र का प्रभाव बताया जा रहा है। इसके चलते राज्य में मानसूनी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
पटना में कहां-कहां खतरे के निशान के ऊपर बह रही गंगा?
बाढ़ नियंत्रण एवं जल संसाधन विभाग की ओर से 2 सितंबर 2026 को सुबह छह बजे जारी जलस्तर रिपोर्ट के अनुसार गंगा का पानी कई स्थानों पर बढ़ रहा है, जबकि कुछ जगहों पर घटने की स्थिति बनी हुई है। पटना के दीघा घाट में गंगा का जलस्तर 50.44 मीटर, गांधी घाट में 49.40 मीटर और हाथीदह में 42.24 मीटर दर्ज किया गया है। बक्सर में 59.98 मीटर, मनेर में 52.15 मीटर, मुंगेर में 38.50 मीटर और प्रयागराज में 82.03 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया। वहीं पुनपुन नदी के श्रीपालपुर में 52.14 मीटर और अरवल में 66.48 मीटर पानी दर्ज हुआ। पटना के मनेर, गांधी घाट और हाथीदह में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर है। बाढ़ नियंत्रण विभाग ने पटना शहरी सुरक्षा दीवार समेत विभिन्न तटबंधों और सुरक्षा संरचनाओं की स्थिति पर भी नजर बनाए रखने की जानकारी दी है। पटना शहरी सुरक्षा दीवार के अलग-अलग हिस्सों, दानापुर वितरणी तटबंध, दवा नाला दायां तटबंध और उसरी नाला के दाएं-बाएं तटबंधों की निगरानी की जा रही है।
सितंबर में भी बदलता रहेगा मौसम, पूरे महीने कैसा रहेगा हाल?
मौसम विज्ञान केंद्र ने सितंबर 2026 के लिए भी मासिक पूर्वानुमान जारी किया है। सितंबर की शुरुआत में बिहार में बारिश और गरज-चमक वाले दौर बने रहने की संभावना है। पटना समेत कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और बारिश होने के आसार हैं। हालांकि, पूरे सितंबर में बारिश का दौर एक जैसा रहने की संभावना नहीं है। मौसम गतिविधियों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में किसानों और आम लोगों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।