तेजस्वी यादव ने सीएम सम्राट चौधरी सरकार पर निशाना साधा।
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नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र की भाजपा सरकार, आरएसएस और एनडीए के नेताओं पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अभी तक कोई पैदा नहीं हुआ है, जो आरक्षण को खत्म कर सके। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस शुरू से ही आरक्षण विरोधी रही हैं और आरक्षण को समाप्त करना चाहती हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि कुछ नेता आरक्षण का लाभ लेने के साथ ही आरक्षण खत्म करने वालों के साथ खड़े हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और जीतन राम मांझी का नाम लेते हुए कहा कि दोनों लगातार आरक्षित सीट से चुनाव लड़ते रहे हैं और इसके बावजूद आरक्षण को लेकर इस तरह की बयानबाजी की जा रही है।
'दम है तो आरक्षित सीट से इस्तीफा देकर सामान्य सीट से चुनाव लड़ें'
तेजस्वी ने चिराग पासवान, जीतन राम मांझी, नीतीश कुमार की पार्टी और उपेंद्र कुशवाहा पर निशाना साधते हुए कहा कि जो आरक्षण को खत्म करना चाहता है, ये लोग उसके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अगर इन नेताओं में दम है तो अपनी आरक्षित सीटों से इस्तीफा दें और सामान्य सीट से चुनाव लड़कर दिखाएं। उन्होंने कहा कि नेता आरक्षण का फायदा भी उठाएंगे, सत्ता की मलाई भी खाएंगे और मंत्री भी बनेंगे, लेकिन बाद में आरक्षण को लेकर बहस करेंगे। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि ऐसे नेता वर्षों से सरकार में हैं और सत्ता का लाभ ले रहे हैं।
'तेजस्वी ने आज तक आरक्षण का फायदा नहीं उठाया'
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने आज तक आरक्षण का इस्तेमाल नहीं किया और न ही इसका फायदा उठाया। उन्होंने कहा कि जो लोग आरक्षण का फायदा उठा रहे हैं, वही आरक्षण खत्म करने वालों के साथ खड़े हैं। तेजस्वी ने कहा कि इस बात पर समाज को सोचने की जरूरत है।
मोहन भागवत के पुराने बयान का भी किया जिक्र
तेजस्वी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के 2015 के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें आरक्षण की समीक्षा की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि उस समय बिहार की जनता ने इसका जवाब दिया था। तेजस्वी ने कहा कि 2015 में मोहन भागवत जी ने कहा था कि आरक्षण की समीक्षा होनी चाहिए। बिहार के लोगों ने उठक-बैठक करा दिया था। उन्होंने कहा कि केवल किसी के कह देने से आरक्षण खत्म नहीं हो जाएगा।
'भाजपा पीछे खड़े होकर यह ड्रामा करवा रही'
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा पीछे खड़े होकर इस पूरे मामले को लेकर 'ड्रामा' करवा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा यह देखना चाहती है कि आरक्षण को लेकर लोगों का मिजाज क्या है। उन्होंने इसे पानी में कंकड़ डालकर स्थिति भांपने जैसा बताया। तेजस्वी ने कहा कि जिन नेताओं पर वह निशाना साध रहे हैं, वे केवल 'किरदार' हैं और उन्हें पद, कुर्सी, बंगला और सुरक्षा की चिंता है।