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भ्रष्टाचार पर शिकंजा: कार्यपालक अभियंता को 1.4 लाख रुपये रिश्वत लेते निगरानी ने दबोचा, घर से 8.36 लाख कैश मिले

Thu, 03 Sep 2026 09:37 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

आज एक और भ्रष्ट अफसर की पोल खुली है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने आरोपी अफसर को घूस लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी को पटना से गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ चल रही है।
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इंजीनियर के घर को खंगालती विजिलेंस की टीम। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में निगरानी की टीम ने बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (BSEIDCL) के पूर्णिया में कार्यपालक अभियंता द्विजेंद्र कुमार मिश्र को 1.04 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। उन्हें गुरुवार को पटना के बेली रोड स्थित गोल्फ क्लब के गेट के पास से गिरफ्तार किया गया।

 

तीन लाख रुपये कमीशन की मांगी थी रिश्वत

निगरानी ब्यूरो के अनुसार, पटना निवासी राम सागर शर्मा ने शिकायत की थी कि उन्होंने BSEIDCL के तहत कटिहार जिले के सरकारी विद्यालय में निर्माण से संबंधित काम कराया था। इस काम के प्रथम भुगतान के रूप में उनके खाते में 1,54,19,329 रुपये आए थे। आरोप है कि इसी भुगतान की राशि का दो प्रतिशत कमीशन मांगते हुए कार्यपालक अभियंता ने तीन लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने इसका सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान 1.04 लाख रुपये रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद 2 सितंबर को निगरानी थाना कांड संख्या 104/26 दर्ज किया गया और कार्रवाई के लिए धावादल का गठन किया गया।

 

गोल्फ क्लब के पास रिश्वत लेते गिरफ्तार हुआ इंजीनियर 

पुलिस उपाधीक्षक विकास कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में गठित टीम ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए द्विजेंद्र कुमार मिश्र को 1,04,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी पटना के बेली रोड, नेहरू पथ स्थित गोल्फ क्लब के गेट के पास से की गई।

 

घर की तलाशी में 8.36 लाख रुपये नकद

गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम ने रूपसपुर स्थित उनके आवास पर भी तलाशी ली। तलाशी के दौरान 8.36 लाख रुपये अतिरिक्त नकद बरामद किए गए। इसके अलावा रूपसपुर में एक फ्लैट के दस्तावेज और करीब एक करोड़ रुपये के पारिवारिक निवेश से जुड़े कागजात भी मिले हैं। टीम को दो बैंक लॉकर से संबंधित कागजात तथा सोने-चांदी के आभूषण भी मिले हैं। आभूषणों का अधिकृत मूल्यांकनकर्ता से मूल्यांकन कराया जा रहा है।

 

2021 में हुए थे रिटायर, 2023 से दे रहे थे सेवा

निगरानी के अनुसार, द्विजेंद्र कुमार मिश्र वर्ष 2021 में जल संसाधन विभाग में कार्यपालक अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद वर्ष 2023 से आउटसोर्सिंग एजेंसी टेक्नो फैसिलिटी एंड मैनेजमेंट सर्विसेज के माध्यम से शिक्षा विभाग में BSEIDCL के पूर्णिया जिले में कार्यपालक अभियंता के पद पर सेवा दे रहे थे। अभियुक्त से पूछताछ के बाद उसे निगरानी के विशेष न्यायालय, पटना में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की तलाशी और अनुसंधान जारी है।

 

2026 में अब तक 96 ट्रैप केस

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के मुताबिक, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक 104 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें 96 ट्रैप केस हैं और इन मामलों में 96 आरोपियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। इन कार्रवाई में अब तक 36.13 लाख रुपये रिश्वत की राशि बरामद की गई है। इसके अलावा करीब 37 हजार रुपये कीमत की एक वॉशिंग मशीन भी जब्त की गई है। वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप केस दर्ज किए गए थे और 37.80 लाख रुपये रिश्वत की राशि बरामद हुई थी। ब्यूरो के अनुसार, 2026 में अब तक औसतन 11.8 ट्रैप केस प्रतिमाह दर्ज हुए हैं, जबकि 2025 में यह औसत 8.4 केस प्रतिमाह था। इस आधार पर इस वर्ष ट्रैप मामलों में करीब 40 फीसदी की वृद्धि हुई है। निगरानी ब्यूरो ने अपील की है कि यदि कोई सरकारी पदाधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो इसकी शिकायत समय रहते ब्यूरो से करें।

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