राजधानी पटना में अपराधियों ने शुक्रवार की रात दो बड़ी घटनाओं को अंजाम देकर सनसनी फैला दी। एक ओर मसौढ़ी में क्रिकेट मैच के दौरान युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई, वहीं दूसरी ओर पटना सिटी के टॉप 10 व्यवसायियों में शामिल गोपाल खेमका की भी दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। इन दोनों घटनाओं ने राजधानी की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पटना से करीब 45 किलोमीटर दूर मसौढ़ी थाना क्षेत्र के कोरियावा गढ़ गांव में शुक्रवार देर रात एक नाइट क्रिकेट मैच के दौरान विवाद हो गया। मृतक की पहचान गांव के चौकीदार स्व. विष्णुदेव पासवान के पुत्र सत्येंद्र पासवान के रूप में हुई है। वह मैच का सेमीफाइनल खेल रहा था। मैच के दौरान हुए विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि बदमाशों ने सत्येंद्र को ताबड़तोड़ गोलियों से भून डाला और मौके से फरार हो गए।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मसौढ़ी पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी नव वैभव ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। एफएसएल टीम और डॉग स्क्वायड की मदद से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
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गोपाल खेमका की हत्या से राजधानी में उबाल
इधर पटना सिटी में शुक्रवार को टॉप-10 व्यवसायियों में शुमार गोपाल खेमका की हत्या ने शहर को झकझोर कर रख दिया। अपराधियों ने उन पर जानलेवा हमला कर मौत के घाट उतार दिया। इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल मच गई है। राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस ने राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। राजद प्रवक्ता शक्ति यादव, नेता मृत्युंजय तिवारी और कांग्रेस नेता राजेश राठौर ने कहा कि राजधानी में अपराध बेलगाम हो चुका है और सरकार पूरी तरह फेल है।
घटना के बाद पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सिटी एसपी के नेतृत्व में एक एसआईटी टीम का गठन किया है। एसएसपी ने कहा कि पुलिस इस चुनौती को स्वीकार करती है और जल्द ही दोनों हत्याओं का खुलासा किया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।