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Bihar: 11 लाख की कंपनी को साढ़े 22 हजार करोड़ का काम! तेजस्वी यादव का सम्राट चौधरी सरकार पर बड़ा आरोप

Fri, 14 Aug 2026 06:44 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar Politics: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सीएम सम्राट चौधरी पर लगातार हमलावर हैं। इस बार उन्होंने निवेश को लेकर सरकार उठाया है। उन्होंने पूछा कि आखिर सरकार पर निवेशक भरोसा क्यों नहीं कर पा रहे हैं?
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार में निवेश को लेकर सरकार की ओर से किए जा रहे दावों पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उद्योग विभाग और विभिन्न औद्योगिक समूहों के बीच करीब 51,500 करोड़ रुपये के निवेश के लिए MoU किए जाने का ढिंढोरा पीटा जा रहा है। तेजस्वी ने पूछा कि वर्ष 2024, 2025 और उससे पहले हुए दो लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौतों की प्रगति रिपोर्ट सरकार अब तक क्यों नहीं बता रही है।

 

‘₹11 लाख पूंजी वाली कंपनी करेगी ₹22,500 करोड़ का निवेश’

तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार सरकार जिस कंपनी के साथ परमाणु क्षेत्र में 22,500 करोड़ रुपये के निवेश का MoU होने की बात कह रही है, उसकी स्थापना हाल ही में हुई है। उनके अनुसार, कंपनी की स्थापना 25 फरवरी 2026 को हुई और उसके पास महज 11 लाख रुपये की कुल पूंजी है। तेजस्वी ने सवाल उठाया कि जिस कंपनी की कुल पूंजी 11 लाख रुपये है, वह बिहार में हजारों करोड़ रुपये का निवेश कैसे करेगी? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस कंपनी की क्षमता किसी स्कूल-कॉलेज की चारदीवारी बनाने तक की नहीं है, वह अब बिहार में न्यूक्लियर पावर प्लांट या न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर स्थापित करने की बात कर रही है।

 

‘कंपनी के हाथ कौन सा कुबेर का खजाना लग गया?’

नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से पूछा कि आखिर ऐसी कंपनी के हाथ अचानक कौन सा ‘कुबेर का खजाना’ लग गया कि वह बिहार में हजारों करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता को सरकार को इस पूरे मामले की स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सरकार निवेश के नाम पर कागजी कंपनियों के साथ MoU कर रही है और बाद में ऐसी कंपनियों को सरकारी जमीन और सब्सिडी देने की आशंका है। उन्होंने सवाल किया कि क्या भाजपा सरकार निवेश के नाम पर बिहार के संसाधनों को निजी कंपनियों के हाथों सौंपना चाहती है।

 

‘बड़ी कंपनियां आएं तो हम हरसंभव मदद करेंगे’

तेजस्वी यादव ने कहा कि बड़ी और सक्षम कंपनियां बिहार में आएं, अपने पूंजीगत संसाधनों से उद्योग लगाएं और रोजगार पैदा करें तो उनका स्वागत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी कंपनियों को सरकार की ओर से हर संभव सहयोग मिलना चाहिए। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कागजी कंपनी बनाकर सरकार से सस्ती या एक रुपये में जमीन ली गई, सरकारी अनुदान हासिल किया गया और बाद में कंपनी वहां से चली गई तो बिहार की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।

 

‘दो दशक से ज्यादा NDA की सरकार, फिर भी निवेशकों का भरोसा क्यों नहीं?’

तेजस्वी ने कहा कि बिहार में दो दशक से अधिक समय से NDA की सरकार है, इसके बावजूद राज्य में ऐसा माहौल नहीं बनाया जा सका जिससे बड़े निवेशकों का सरकार और आधारभूत संरचना पर भरोसा बढ़े। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कोई बड़ी कंपनी बिहार में बड़े पैमाने पर निवेश करने के लिए तैयार क्यों नहीं है? उन्होंने कहा कि मीडिया में सरकारी प्रचार के जरिए सरकार अपना गुणगान करा सकती है, लेकिन इससे जमीन पर मौजूद समस्याएं दूर नहीं होंगी। तेजस्वी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बिहार में निवेश आकर्षित करने के लिए न तो इच्छाशक्ति दिखाई दे रही है और न ही पर्याप्त योग्यता।

 

‘जाति-धर्म और मुफ्त अनाज के सहारे चल रही राजनीति’

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकार विकास और रोजगार के बजाय जाति-धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि पांच किलो मुफ्त अनाज और चुनाव के समय 10 हजार रुपये बांटने जैसे मुद्दों के सहारे सरकार अपनी राजनीति चला रही है। तेजस्वी ने कहा कि बिहार की जनता को निवेश और रोजगार के नाम पर केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि धरातल पर उद्योग, रोजगार और आर्थिक विकास चाहिए।

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