Bihar : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्य सचेतक और उप मुख्य सचेतक समेत जदयू के 10 विधायकों को सचेतक बनाया है। इसमें मुख्या रूप से अपने चहेते विधायक श्रवण कुमार को मुख्य सचेतक और विनोद नारायण झा को उप मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी दी है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनता दल यूनाइटेड को मजबूत स्थिति में लाने के लिए हमेशा फेरबदल करते रहते हैं। वह अक्सर अपने खास नेताओं को महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी देकर पार्टी को संगठित करते दिखते हैं। इस दौरान उन्होंने एक बार फिर अपने ख़ास नेता श्रवण कुमार को मुख्य सचेतक और विनोद नारायण झा को उप मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी सौंपी है। इतना ही नहीं राजू तिवारी और कृष्ण कुमार ऋषि समेत 8 विधायकों को सचेतक की जिम्मेदारी दी गई है। इसको लेकर बिहार विधानसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर दी है।
इन 8 विधायकों को मिली सचेतक की जिम्मेदारी
सदन में सरकार का पक्ष प्रभावी ढंग से रखने और विधायी कार्यों के सुचारु संचालन के लिए कुल 8 विधायकों को सचेतक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विधानसभा सचिवालय की प्रभारी सचिव डॉ. ख्याति सिंह द्वारा जारी पत्र में बनमनखी के विधायक कृष्ण कुमार ऋषि, बरौली के विधायक मंजीत कुमार सिंह, गोविन्दगंज के विधायक राजू तिवारी, हरलाखी के विधायक सुधांशु शेखर, बिहपुर के विधायक कुमार शैलेन्द्र, पिपरा के विधायक रामविलास कामत, मसौढ़ी के विधायक अरूण माँझी और परिहार की विधायक गायत्री देवी शामिल हैं।
वेतन-भत्ते के लिए लिखा गया पत्र
इस मनोनयन के बाद, विधानसभा सचिवालय ने संसदीय कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को विधिवत पत्र लिखकर इन नियुक्तियों के आधार पर वेतन, भत्ता और पेंशन अधिनियम-2006** के तहत आवश्यक अधिसूचना निर्गत करने का अनुरोध किया है। यह औपचारिक प्रक्रिया अब जल्द ही पूरी की जाएगी। ये नियुक्तियां आगामी विधानसभा सत्रों के दौरान सत्तारूढ़ दल की रणनीति और सदन के संचालन के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। सचेतक बनाए गए ये सभी विधायक सदन के अंदर विधायकों की उपस्थिति, मतदान के समय पार्टी लाइन का पालन और अन्य संगठनात्मक कार्यों को सुनिश्चित करेंगे। श्रवण कुमार सदन में पार्टी के अनुशासन को बनाए रखने, महत्वपूर्ण विधेयकों पर विधायकों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने और सरकार के विधायी कार्यों में तालमेल बिठाने में अब अहम भूमिका निभाएंगे।