चार साल के लंबे अंतराल के बाद लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने बुधवार को पटना स्थित पार्टी कार्यालय में गृह प्रवेश किया। इस मौके पर उनके साथ उनकी मां रीना पासवान, परिवार के सदस्य, पार्टी के सांसद और तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पार्टी कार्यालय में कदम रखते ही माहौल भावुक हो उठा।
‘मैं पहले उनके साथ यहां आती थी’
रीना पासवान ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्यालय मेरे पति रामविलास पासवान के संघर्षों का गवाह है। मैं पहले उनके साथ यहां आती थी, लेकिन आज मेरा बेटा मुझे यहां लेकर आया है। कार्यालय में उनके चित्र को देखकर ऐसा महसूस हो रहा है, जैसे वे आज बहुत खुश होंगे। उन्होंने इस बात पर भी अफसोस जताया कि चिराग और उनके परिवार को पिछले चार वर्षों से यहां आने नहीं दिया गया था।
चिराग के चाचा और केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस के साथ विवाद का जिक्र करते हुए रीना ने कहा कि पिछले चार साल से हमारे परिवार को इस जगह से दूर रखा गया, लेकिन आज हम फिर से यहां हैं।
पिता के सपनों को साकार करने का वादा
चिराग पासवान ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि यह वही जगह है जहां से मेरे पिता ने नई पार्टी की शुरुआत की थी और बिहार के विकास के लिए महत्वपूर्ण फैसले लिए थे। आज मुझे इस कार्यालय में बैठकर उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का मौका मिला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह स्थान किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि एक विचारधारा का प्रतीक है। चिराग ने इस मौके पर अपने समर्थकों को भरोसा दिलाया कि वे अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
2025 के विधानसभा चुनाव का लक्ष्य
आगामी 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चिराग ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि एनडीए का लक्ष्य 225 से ज्यादा सीटें जीतना है। हम पूरी तैयारी के साथ चुनावी मैदान में उतरेंगे। चिराग ने बताया कि पहले उनकी पार्टी निजी आवास से काम कर रही थी, लेकिन अब पार्टी कार्यालय से रणनीति बनाई जाएगी।
चिराग ने अपने गठबंधन की मजबूती पर भरोसा जताते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव की तरह बिहार विधानसभा चुनाव में भी सीटों का बंटवारा सहजता से होगा। उन्होंने एनडीए की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि उनका लक्ष्य नीतीश कुमार को दोबारा मुख्यमंत्री बनाना है।
तेजस्वी यादव पर किया पलटवार
राजद नेता तेजस्वी यादव के बयान पर चिराग ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि तेजस्वी पहले भी बड़े दावे करते रहे हैं, लेकिन हकीकत सबके सामने है। लोकसभा और उपचुनावों में उनके दावे खोखले साबित हुए। हमारा प्रदर्शन सौ प्रतिशत स्ट्राइक रेट के साथ रहा है और हम आने वाले चुनावों में भी बेहतर करेंगे।
विरासत और बदलाव की उम्मीद
चिराग ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य बिहार के हर वर्ग को साथ लेकर चलना और रामविलास पासवान की विरासत को नए आयाम देना है। उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की कि वे आने वाले चुनावों के लिए पूरी ताकत से जुटें। पार्टी कार्यालय में लौटने की खुशी के साथ चिराग ने उम्मीद जताई कि यह जगह अब बिहार में बदलाव की राजनीति का केंद्र बनेगी।