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Bihar Vidhan Sabha : अब बिहार विधानसभा के अंदर गूंजने लगा बाप-बाप! किसने क्या कहा कि सब पर भड़के नंद किशोर

Wed, 23 Jul 2025 12:15 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar News : बिहार विधानसभा चुनाव में भाषा का स्तर कहां जाएगा, अंदाजा बिहार विधानसभा के अंदर लग रहा है। बुधवार को विधानसभा में 'बाप-बाप' की गूंज रही। अध्यक्ष नंद किशोर भड़के भी। फिर यह गूंज बाहर तक आई।
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विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के नेताओं ने SIR के मुद्दे पर फिर से हंगामा किया। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सदन में अपनी बात रखी और SIR के मुद्दे पर विरोध जताया और इसे वापस लेने की मांग की। इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खड़े हो गए उन्होंने फिर से लालू और राबड़ी राज की याद दिलाई। तेजस्वी यादव से कहा कि तब तुम बच्चे थे 2005 से पहले क्या होता था यह तुम नहीं जानते हो। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी सरकार के कामों को गिनाया फिर बैठ गए। इसी बीच भाई वीरेंद्र ने कहा कि विधानसभा किसी के बाप की नहीं है। इतना सुनते ही विधानसभा अध्यक्ष भड़क गए और माफी मांगने की बात कहने लगे। इस पर सत्ता पक्ष के विधायक हंगामा करने लगे।

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अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने नेता प्रतिपक्ष से कहा कि सदन में भाई वीरेंद्र ने जिन शब्दों का प्रयोग किया वह गलत है। आप उनसे कहिए कि वह माफी मांगे। इसी बीच तेजस्वी यादव ने कहा कि मेरे किसी भी विधायक ने अगर कुछ कहा तो उसका बुरा मत मनाए। इसी बीच डिप्टी सीएम विजय सिन्हा उठा खड़े हुए और माफी मांगने की बात कहने लगे। यह सुनते ही विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें फटकार लगाई और कहा कि आप बैठ जाइए। सदन आप नहीं मैं चलाता हूं। मुझे तय करने दीजिए क्या करना है क्या नहीं। मैं फैसला करूंगा। इसके बाद हंगामा होने लगा। यह कहते हुड़न अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।



सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद डिप्टी सीएम विजय सिन्हा बाहर निकले। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आज राजद के विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि विधानसभा किसी के बाप की नहीं है। यह अत्यंत ही आपत्तिजनक है। लोकतंत्र के मंदिर में ऐसी भाषा शोभा नहीं देती है। राजद के लोग गुंडाराज चलाना चाहते हैं वह सदन में गुंडागर्दी करते हैं। अपशब्दों का प्रयोग करते हैं और सदन चलने नहीं देते हैं।

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