अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान ने गुरुवार को सचिवालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में विभागीय योजनाओं और 100 दिनों की कार्ययोजना की समीक्षा की। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई और अधिकारियों को लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए 1048 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को प्रधानाध्यापक और अध्यापक पदों के लिए अधियाचना भेजी जा चुकी है। इसके अलावा विद्यालयों में सफाई कर्मी, नाई, माली सहित अन्य गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के 365 पदों पर भी बहाली की जाएगी।
चार प्रखंडों में नए आवासीय विद्यालयों का निर्माण शुरू
मंत्री ने बताया कि वैशाली के पातेपुर, पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज, मुजफ्फरपुर के मीनापुर और खगड़िया जिले के खगड़िया प्रखंड में 720 क्षमता वाले नए डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालयों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। वहीं 18 जिलों में स्वीकृत सावित्रीबाई फुले छात्रावासों के निर्माण का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है।
हर प्रखंड में छात्रावास, हर विधानसभा में आवासीय विद्यालय
मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक प्रखंड में डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावास स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है। साथ ही प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय खोलने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है, जिससे अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधा मिल सके।
महादलित टोलों में बन रहे सामुदायिक भवन
बिहार महादलित विकास मिशन के तहत महादलित टोलों में सामुदायिक भवन सह वर्कशेड निर्माण कार्य भी जारी है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक 4983 सामुदायिक भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 1025 भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
रोजगार और कल्याण योजनाओं पर क्या कहा?
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की एक करोड़ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी योजना में अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत अब तक 121 आश्रितों को नियुक्ति दी जा चुकी है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों की जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जाए ताकि योजनाओं का लाभ समय पर जरूरतमंदों तक पहुंच सके।