बिहार के शिक्षकों के लिए काम की खबर है। नीतीश सरकार ने वित्त रहित शिक्षकों को दशहरा का तोहफा दिया है। शिक्षा विभाग ने वेतन भुगतान और अनुदान की निगरानी के लिए समिति बनाई है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर घोषणा करते हुए कहा कि वित्त रहित शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। बिहार राज्य अंतर्गत वित्त अनुदानित एवं वित्त रहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों, संस्कृत विद्यालयों एवं मदरसों को स्थापना मद में दिए जाने वाले सहायक अनुदान तथा उनमें कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को वेतन भुगतान से संबंधित सभी पहलुओं के सम्यक एवं नियमित समीक्षा एवं निष्पादन के लिए समिति गठित की गई। वित्त रहित शिक्षकों के लिए वेतनमान समेत सभी विषयों लागू करेगी। डिप्टी सीएम ने सभी शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी।
समिति हर महीने बैठक करेगी
शिक्षा विभाग की ओर से एक पत्र भी जारी किया गया है। इसमें लिखा गया है कि राज्य के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में सहायक अनुदान, शिक्षकों और कर्मियों के वेतनमान से जुड़े मामलों की निगरानी और समाधान के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित इस समिति में विकास आयुक्त, शिक्षा विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सचिव, माध्यमिक शिक्षा और प्राथमिक शिक्षा निदेशक को सदस्य बनाया गया है। समिति हर महीने बैठक करेगी और शिक्षा संस्थानों से संबंधित मुद्दों जैसे,सहायक अनुदान का समय पर निर्गमन, वेतन या मानदेय का समय पर निर्धारण और भुगतान, तथा अन्य वित्तीय विवादों का समाधान करेगी।
- समिति के अध्यक्ष: मुख्य सचिव, बिहार
- सदस्य सचिव: अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, शिक्षा विभाग