बिहार विधानसभा चुनाव को दोनों चरण संपन्न हो चुका है। ऐसे में पूर्व मंत्री रामाधार सिंह ने परिणाम से ऐन वक्त पहले चिट्ठी बम फोड़ दिया।
चिट्ठी में क्या लिखा
अध्यक्ष जी, सुशील मोदी जी के आत्मा के कष्ट न हो इसलिए भाजपा उम्मीदवार को खुल कर समर्थन कर रहा था, परन्तु उम्मीदवार के पिताजी गोपाल नारायण सिंह सुशील कुमार मोदी जी को गली-गली गाली दे रहे हैं और उन्होंने बोला की रामधार को सुशील मोदी गाली देने के लिए रखा था। मैं आप लोगों के तरह नमक हराम नहीं हूँ मैं कितना भी कष्ट झेल लूँ लेकिन सुशील मोदीजी और कैलशपती मिश्राजी का अपमान नहीं सह सकता हूँ। आजकल कैलाश जी और सुशील मोदी जी के द्वारा लगाया गया फूलवारी आप लोगों जैसे अपराधियों के कब्जे में है आप पर भी हत्या का मुकदमा है समाट चौधरी पर भी मुकदमा है और नित्यानंद राय पर भी हत्या का मुकदमा है इसलिए मैं अपराधी के नेतृत्व में काम नहीं कर सकता।
मैं जूता तोड़ कर राजनीति किया हूँ आपके तरह बड़े नेताओं के जूते चाट कर नहीं, आप पूरे बिहार में यादव और बालू माफिया से पार्टी को बेच दिए। उदाहरण के तहत पालि, शेरघाटी, दिनारा आलोक सिंह बालू माफिया के हाथ में बेच दिये संदेश जग जाहिर है। बालू माफिया राधिया चरण सेठ के हाथ में और एक तरफ हमारे जैसे आदमी का टिकट काटते हैं और दूसरी ओर जो ठीक से सिद्धी नहीं चढ़ सकती उसको टिकट दे दिए। राम प्रवेश राय जो वफादार पाँच बार विधायक रहा उसका टिकट काट दिए आप, समाट चौधरी और नित्यानंद राय अपने-अपने जात से एक वोट नहीं दिलवा सकते हैं।