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Bihar: आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर प्रमंडलीय समीक्षा बैठक संपन्न, मुख्य सचिव ने दिए दिशा-निर्देश

Thu, 19 Jun 2025 08:51 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar: अपर मुख्य सचिव (गृह) अरविंद कुमार चौधरी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शस्त्र लाइसेंस की जांच और शस्त्र दुकानों का नियमित निरीक्षण किया जाए, प्रयुक्त गोलियों का सत्यापन हो, थाना स्तर पर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
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बैठक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगामी बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 की तैयारियों के सिलसिले में आज मगध प्रमंडल की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बिहार के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा की अध्यक्षता में यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुराना सचिवालय स्थित सभा कक्ष में संपन्न हुई। बैठक में चुनाव संबंधी विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

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बैठक में पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी, मगध प्रमंडल के आयुक्त तथा अरवल, नवादा, औरंगाबाद, जहानाबाद और गया जिलों के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक सहित कई वरीय अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भारत निर्वाचन आयोग का संभावित बिहार दौरा शीघ्र होने वाला है, ऐसे में संबंधित सभी तैयारियों को "मिशन मोड" में तेजी से पूरा किया जाए। जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों ने अपने-अपने जिलों की चुनाव तैयारियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण बैठक में दिया।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देश
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक 1200 मतदाताओं पर एक मतदान केंद्र निर्धारित किया जाएगा। उन्होंने चुनाव कर्मियों की जानकारी संबंधित सॉफ़्टवेयर में समयबद्ध तरीके से दर्ज कराने, प्राप्त आवेदनों के शीघ्र निष्पादन, शैडो जोन चिन्हित कर उनके लिए संचार योजना बनाने और पर्याप्त वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने अवैध हथियारों एवं कारतूसों की बरामदगी को प्राथमिकता देने की बात कही और कहा कि मतदान केंद्रों की सामान्यतः शिफ्टिंग न की जाए, बल्कि जरूरत होने पर नए बूथ उसी क्षेत्र में बनाए जाएं। सीमावर्ती क्षेत्रों में वन विभाग के सहयोग से छापेमारी अभियान चलाने तथा मतदान केंद्रों पर ‘एश्योर्ड मिनिमम फैसिलिटी’ (AMF) की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

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गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव के निर्देश

अपर मुख्य सचिव (गृह) अरविंद कुमार चौधरी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शस्त्र लाइसेंस की जांच और शस्त्र दुकानों का नियमित निरीक्षण किया जाए, प्रयुक्त गोलियों का सत्यापन हो, थाना स्तर पर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जेलों का मासिक औचक निरीक्षण करने और सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए ताकि अफवाह या भ्रामक सूचना फैलने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

पुलिस महानिदेशक के निर्देश
पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित गिरफ्तारी वारंट एवं कुर्की-जब्ती के मामलों का शीघ्र निष्पादन करें। उन्होंने निर्वाचन से संबंधित दर्ज मामलों, शस्त्र अधिनियम व मद्य निषेध अधिनियम के अंतर्गत दर्ज मामलों की त्वरित जांच सुनिश्चित करने, जब्त शराब का शीघ्र विनिष्टीकरण कराने तथा अवैध हथियार धारकों के विरुद्ध लक्ष्यित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि नवादा जिला प्रशासन द्वारा बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम की धारा 12 के तहत सराहनीय कार्रवाई की गई है, जिसे अन्य जिलों में भी अपनाया जाए।

मुख्य सचिव के समापन निर्देश
बैठक के अंत में मुख्य सचिव मीणा ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां कहीं भी रिटर्निंग ऑफिसर (RO), असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) अथवा इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO/AERO) के पद रिक्त हैं, उन्हें तत्काल भरा जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थान से यदि ‘पोल बायकॉट’ की सूचना मिलती है, तो उसे अत्यंत संवेदनशीलता और प्राथमिकता से निपटाया जाए।

उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि स्वच्छ, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारी की जाए भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित हो, जिलों में स्थापित चेक पोस्टों पर वाहन जांच अभियान को तेज किया जाए, अंतरराज्यीय सीमाओं पर चौकसी बढ़ाई जाए और सीमावर्ती जिलों के प्रशासन के साथ समन्वय बैठक की जाए, जब्त वाहनों के अधिग्रहण हेतु न्यायालयीन प्रक्रिया को गति दी जाए। गौरतलब है कि राज्य के सभी प्रमंडलों में चुनाव तैयारियों की समीक्षा के लिए प्रमंडलवार बैठकें प्रारंभ की गई हैं, जो आगामी एक माह के भीतर पूरी की जाएंगी।

 

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