राजधानी के दीघा थाना क्षेत्र में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में चार कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। ये गिरफ्तारी मरीन ड्राइव क्षेत्र से की गई। वहीं, इस मामले में शामिल अन्य तीन अपराधी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। गिरफ्तार चारों अपराधियों का आपराधिक इतिहास रहा है। इनमें से एक अपराधी पटना के कदमकुआं थाने की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल है। पुलिस का कहना है कि ये सभी एक सक्रिय रंगदारी गिरोह से जुड़े हुए हो सकते हैं। इनसे पूछताछ के आधार पर पुलिस फरार आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
कैप्टन से मांगी गई थी रंगदारी, पहले पिता की हो चुकी है हत्या
विशेष टीम का गठन, वैज्ञानिक तरीके से जांच
दीघा में पहले भी रही है रंगदारी की घटनाएं
दीघा क्षेत्र में रंगदारी और अपराध की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। वर्ष 2016 में गंगा पथ (मरीन ड्राइव) परियोजना को लेकर भी रंगदारी और गैंगवार की आशंका जताई गई थी। तब भी कई बड़े अपराधियों के नाम सामने आए थे। इसके बाद भी समय-समय पर दीघा क्षेत्र में हिंसक झड़पें, पुलिस पर हमले और अवैध निर्माण के दौरान अपराधियों की संलिप्तता सामने आती रही है। इस बार मरीन कैप्टन से रंगदारी की घटना ने एक बार फिर इस क्षेत्र में अपराधियों के बढ़ते हौसले को उजागर कर दिया है। हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर चार अपराधियों को गिरफ्तार कर एक बड़ा संदेश देने का प्रयास किया है।
पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी